जिसका चीन-पाकिस्तान को था डर, इजरायल ने भारत को वही दे दिया!

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ANI
अभिनय आकाश । Feb 27 2026 4:46PM

जहां इजराइल में पीएम मोदी के भव्य स्वागत की खूब चर्चा हो रही है तो व पूरी दुनिया की निगाह इस बात पर टिकी हुई है कि भारत और इजराइल के बीच कौन सी बड़ी डिफेंस डील होने वाली है। लेकिन अब इजराइल से भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है।

9 साल बाद इजराइल के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी का ऐसा धमाकेदार स्वागत हुआ कि जिसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है। स्वागत की इन दमदार तस्वीरों को देखकर भारत के दुश्मनों की नींद उड़ी हुई है। क्योंकि जैसे ही पीएम मोदी का विमान इजराइल की धरती पर लैंड हुआ, तो खुद पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचे। दोनों नेता एक दूसरे से पुराने दोस्त की तरह गले मिले और फिर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जहां इजराइल में पीएम मोदी के भव्य स्वागत की खूब चर्चा हो रही है तो व पूरी दुनिया की निगाह इस बात पर टिकी हुई है कि भारत और इजराइल के बीच कौन सी बड़ी डिफेंस डील होने वाली है। लेकिन अब इजराइल से भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 

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जिस हथियार को इजराइल ने दुनिया से छिपा कर रखा था, जिस ब्रह्मास्त्र को इजराइल से दुनिया मांगती रह गई, उसे अब नेतन याू भारत को देने जा रहे हैं। दरअसल इजराइल ने भारत को अपना सबसे सीक्रेट हथियार गोल्डन होराइजन एयर लॉन्च बैलेस्टिक मिसाइल देने का फैसला लिया है। इस मिसाइल की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह ब्रह्मोस से भी ज्यादा घातक और खतरनाक है जो भीषण तबाही मचा सकती है। यह फाइटर जेट्स जैसे Sukoi एसयू 30 एमKI से ल्च की जा सकती है। यानी कि फाइटर जेट से हवा में छोड़ी जाने वाली ये बैलस्टिक मिसाइल है।

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यह मिसाइल टर्मिनल फेज में मार्क फाइव से ज्यादा स्पीड पकड़ लेती है। जबकि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की स्पीड मार्क थ्री के आसपास है। इतनी तेज स्पीड की वजह से इसे इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। यह गहरे बंकरों, मजबूत किले और यहां तक कि न्यूक्लियर फैसिलिटीज को भी भेज सकती है। अगर इसकी रेंज की बात करें तो इसकी रेंज 1000 से 2000 कि.मी. तक हो सकती है जो ब्रह्मोस की रेंज से काफी ज्यादा है। यह मिसाइल हार्ड टारगेट्स को तबाह करने के लिए खासतौर पर बनाई गई है। जहां ब्रह्मोस जैसे क्रूज मिसाइल मुश्किल से पहुंच पाती है। यह लगभग 8.3 मीटर लंबी है और यह 3100 कि.ग्र. भारी है। 

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यह गहरी जमीन के अंदर बने बंकर कमांड सेंटर, न्यूक्लियर फैसिलिटीज और मजबूत सैन्य ठिकाने को तबाह करने में सक्षम है। सबसे खास बात तो यह कि भारत में इसके आते ही पायलट को दुश्मन क्षेत्रों में घुसने की जरूरत नहीं होगी। भारत के अपने एयर स्पेस या बॉर्डर के पास से ही पायलट मिसाइल छोड़ देगा। मिसाइल आसमान में ऊंची उड़ान भरेगी। फिर तेजी से नीचे गिरकर टारगेट को भेज देगी। पाकिस्तान का कोई भी एयर डिफेंस या फाइटर इस मिसाइल को रोक नहीं पाएगा। मतलब भारत बिना अपने पायलट को खतरे में डाले पाकिस्तान के अंदर विध्वंसक हमला कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान को कोई भी हिमाकत करने से पहले हजार बार सोचना पड़ेगा।  

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