Julian Assange को रिहा कराने वाले वकील की अमेरिकी कोर्ट में एंट्री, अब निकोलस मादुरो का केस लड़ेंगे

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को रिहा कराने वाले प्रसिद्ध अमेरिकी वकील बैरी पोलैक अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का केस लड़ेंगे, जिन पर अमेरिका में ड्रग-आतंकवाद और तस्करी के गंभीर आरोप हैं। यह हाई-प्रोफाइल मुकदमा अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्राध्यक्ष को मिली कानूनी छूट की सीमाओं को परखेगा, जिसमें पोलैक की रणनीति अहम साबित होगी।
न्यूयॉर्क की एक अदालत में जब सोमवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पेश हुए, तो सबसे पहले जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वह उनके वकील का नाम था। मादुरो के साथ नजर आए बैरी पोलैक, जो अमेरिका के जाने-माने ट्रायल वकीलों में गिने जाते हैं और इससे पहले विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे का लंबा और चर्चित मुकदमा लड़ चुके हैं।
बता दें कि बैरी पोलैक न्यूयॉर्क के वॉल स्ट्रीट इलाके में स्थित प्रतिष्ठित लॉ फर्म हैरिस सेंट लॉरेंट एंड वेक्सलर के पार्टनर हैं। यह फर्म उसी फेडरल कोर्ट से कुछ ही मिनटों की दूरी पर है, जहां मादुरो ने अपने खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों पर खुद को निर्दोष बताया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मादुरो पर ड्रग-आतंकवाद साजिश, कोकीन की तस्करी और भारी हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
गौरतलब है कि अमेरिकी सरकार मादुरो को “नार्को-टेररिस्ट” और “अवैध राष्ट्रपति” करार दे रही है। अदालत में अपनी पहली पेशी के दौरान पोलैक ने मादुरो को शनिवार को कराकस से अमेरिकी बलों द्वारा पकड़े जाने की वैधता पर सवाल उठाया और यह तर्क दिया कि एक संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर मादुरो को कानूनी प्रतिरक्षा मिलनी चाहिए।
कानूनी हलकों में पोलैक की छवि बेहद मजबूत मानी जाती है। चैंबर्स यूएसए जैसी प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसियों ने उन्हें गहराई से सोचने वाला और जूरी के सामने प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने वाला वकील बताया है। इससे पहले उन्होंने जूलियन असांजे के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों से बातचीत कर एक जटिल समझौता कराया था, जिसके बाद 2024 में असांजे को रिहाई मिल सकी थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पोलैक का मानना है कि हर मुकदमे में आरोपी अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा होता है और उस दौर में उसका साथ देना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा है कि जूरी के सामने जटिल तथ्यों को सरल भाषा में रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत है, ताकि सरकारी पक्ष के नजरिये के अलावा दूसरे दृष्टिकोण भी सामने आ सकें।
गौरतलब है कि पोलैक ने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सफलता हासिल की है। वे एनरॉन से जुड़े एक चर्चित मामले में आरोपी की बरी करवा चुके हैं और गलत सजा के मामलों में भी कई लोगों को न्याय दिलाने में भूमिका निभा चुके हैं। वर्तमान में वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर में अध्यापन से भी जुड़े हैं और अमेरिका के प्रमुख आपराधिक वकीलों के संगठनों में अहम पदों पर रह चुके हैं।
अब देखना यह है कि क्या बैरी पोलैक की कानूनी रणनीति निकोलस मादुरो को इस अभूतपूर्व संकट से उबार पाती है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि यह मुकदमा आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कानून दोनों के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।
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