उत्तर कोरिया ने एक नहीं 2 मिसाइलें समुद्र में दागीं, जापान के लिए बढ़ा खतरा

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उत्तर कोरिया ने इस महीने में चौथी बार संदिग्ध मिसाइलों का प्रक्षेपण किया।अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान ने कहा कि मिसाइलों ने अमेरिकी कर्मियों, क्षेत्र या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल कोई खतरा उत्पन्न नहीं किया, लेकिन उत्तर कोरिया के ‘‘अवैध’’ हथियार कार्यक्रम के अस्थिर प्रभाव को रेखांकित किया है।

सियोल। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि अमेरिका के साथ ठप पड़े कूटनीति संबंधों और वैश्विक महामारी के मद्देनजर सीमा बंद होने के बीच अपनी सेना की ताकत प्रदर्शित करने के एकमात्र लक्ष्य के साथ उत्तर कोरिया ने सोमवार को दो संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में दागीं। इस महीने उसके द्वारा किया गया यह चौथा प्रक्षेपण है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि उत्तर कोरिया ने दो कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलें सुनान में एक स्थान से दागीं, लेकिन मिसाइल कितनी दूर जाकर गिरी इसकी तत्काल कोई जानकारी नहीं दी। सुनान में प्योंगयांग का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान ने कहा कि मिसाइलों ने अमेरिकी कर्मियों, क्षेत्र या उसके सहयोगियों के लिए तत्काल कोई खतरा उत्पन्न नहीं किया, लेकिन उत्तर कोरिया के ‘‘अवैध’’ हथियार कार्यक्रम के अस्थिर प्रभाव को रेखांकित किया है। जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने कहा कि मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरीं।

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वहीं, मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाज़ु मात्सुनो ने इसे शांति के लिए खतरा बताते हुए उत्तर कोरिया के इन कृत्यों की निंदा की। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने अधिकारियों को कोरियाई प्रायद्वीप पर ‘‘स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक प्रयास’’ करने का निर्देश दिया। संयुक्त अरब अमीरात के दौर पर गए इन के कार्यालय ने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति इन की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने प्योंगयांग के साथ परमाणु कूटनीति को बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह प्रक्षेपण उत्तर कोरिया द्वारा पांच जनवरी और 11 जनवरी को एक कथित हाइपरसोनिक मिसाइल के उड़ान परीक्षण और शुक्रवार को एक ट्रेन से बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किए जाने के बाद किया गया। इसे पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन द्वारा उसके निरंतर प्रक्षेपण के खिलाफ लगाए नए प्रतिबंधों का एक स्पष्ट प्रतिशोध माना जा सकता है। उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों में क्षेत्र में कई नई मिसाइलों का परीक्षण किया है।

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कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन रियायतें पाने के लिए बातचीत से पहले अपने पड़ोसियों तथा अमेरिका पर मिसाइल प्रक्षेपण और अन्य खतरों के माध्यम से दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर कोरिया के ताजा मिसाइल परीक्षणों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने पिछले सप्ताह एशियाई देश के पांच अधिकारियों पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। वहीं, उत्तर कोरिया ने इस कार्रवाई के बाद प्रशासन पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका अपने ‘‘टकराव वाले रुख’’ पर कायम रहता है, तो उसके खिलाफ कड़ी एवं स्पष्ट कार्रवाई की जाएगी।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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