अब तुर्की पर किसने दाग दी मिसाइल? क्या NATO को जंग में उतारने के लिए इजरायल कर रहा फाल्स फ्लैग ऑपरेशन

अजरबैजान हो या फिर तुर्की इन पर पहले भी अटैक करने के आरोप लगे हैं और इस तरह की खबरें आई है। ईरान ने इस मामले को लेकर साफ मना किया है और ये तक कहा है कि ये इजराइल की साजिश हो सकती है।
तुर्की में एक मिसाइल इंटरसेप्ट किया गया है। नाटो एयर डिफेंस सिस्टम ने इस मिसाइल को इंटरसेप्ट किया है। हवाला दिया गया कि ये ईरान की तरफ से दागी गई बैलस्टिक मिसाइल थी। लेकिन अब जो खबर निकल कर सामने आ रही है कि अंदर खाने से ये खबर है कि ईरान साफ तौर पर इस बात से इंकार करता रहा है। ये चौथी दफा है जब तुर्की पर कथित तौर पर मिसाइल हमला किया गया और ये कहा गया तुर्की एमओडी की तरफ से यानी मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की तरफ से कि ये हमला ईरान की तरफ से किया गया। सवाल ये खड़ा होता है कि ईरान जिस तरफ इशारा करता है कि क्या ये इसराइल का ही फाल्स फ्लैग ऑपरेशन है? ईरान जिस तरह से हमेशा इस बात से इंकार करता रहा है कि उसने उन मुल्कों पर जिनको लेकर के उसने साफ कहा था कि उन पर हमला वो नहीं करेगा। अरब देशों में जहां अमेरिकन बेस हैं, उन्हें ही निशाना बनाया गया है।
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अजरबैजान हो या फिर तुर्की इन पर पहले भी अटैक करने के आरोप लगे हैं और इस तरह की खबरें आई है। ईरान ने इस मामले को लेकर साफ मना किया है और ये तक कहा है कि ये इजराइल की साजिश हो सकती है। अमेरिकन साजिश हो सकती है। इन ताकतवर मुल्कों को इस जंग में घसीटने की किसी भी रूप में लेकर आने की ईरान पर इल्जाम लगाते हुए। बता दें कि तुर्की तो अपोज कर रहा है बल्कि ईरान पर जिस तरीके से हमले किए जा रहे हैं या फिर ग्राउंड इन्वज़ की तैयारी चल रही है अमेरिका की तरफ से। तुर्की की तरफ से ये भी साफ तौर पर इशारा किया गया कि देखिए अगर कुर्दिश लड़ाके ईरान में अटैक करने की प्लानिंग करते हैं तो वो इस घटना की खिलाफत करेगा। वो इसके खिलाफ उतरेगा। अपने सैनिक उतारेगा। ऐसे में तुर्की पर ये हमला या फिर तुर्की को कहीं ना कहीं फांस की पूरी तरीके से तैयारी जो अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगता रहा है।
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तुर्की एक नाटो देश है। अमेरिका ने जंग की शुरुआत में ही तुर्की के सदर रजब तैयब एर्दोगन से और तुर्की से कहा था कि आप इस जंग का हिस्सा बनिए और उनको पता है कि अगर वो आएंगे तो नाटो को भी उनके पीछे पीछे आना पड़ेगा। लेकिन एर्दोगान ने बहुत ही इस मामले में समझदारी से काम लिया है अभी तक और किसी भी उकसाने वाली साजिश जो उनके देश के खिलाफ हुई है। ईरान साफ कहता है कि ये साजिश है और इजराइल और अमेरिका की हो सकती है। उसका हिस्सा उन्होंने नहीं बनना स्वीकार किया। बहुत समझदारी के साथ में आप देखिए तुर्की हो गया, मिस्र हो गया या अज़रान को भी हम देख लें जो ईरान का पड़ोसी है और एक तरह से इजराइल के प्रभाव में रहता है।
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