तेल, गैस...भारत का दिल देखो, मुसीबत में एक नहीं अनेक देशों को कर रहा मदद

Gas
AI Image
अभिनय आकाश । Apr 17 2026 8:07PM

बात भूटान की हो, नेपाल की हो, श्रीलंका की हो, मॉरिसिस की हो, हर जगह भारत ने उनकी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने का काम किया है। पड़ोसी कई एक पड़ोसी मुल्क से हमारे पास उनकी तरफ से अनुरोध आया है कि हम उनको ऊर्जा सामग्री उनको उपलब्ध कराएं। कई एक देशों को भारत ऊर्जा सामग्री उपलब्ध करा रहा है। लेकिन इस दरमियान भारत की अपनी जरूरतें हैं उसको मद्देनजर रखते हुए और किस प्रकार की यहां पर उपलब्धि है उसको मद्देनजर रखते हुए किया जा रहा है। भारत ने बांग्लादेश को 22,000 मेट्रिक टन हाई स्पीड डीज़ल मार्च के महीने में मुहैया कराया था और साथ ही साथ इस महीने भी हमारे जो उनको ऊर्जा सामग्री और डीजल दी जाती है वह भी उनको दिया जा रहा है।

पूरी दुनिया के सामने ऊर्जा संकट है। यूरोप से लेकर अफ्रीका और अफ्रीका से लेकर एशियाई देश हर कोई ऊर्जा संकट के लिए परेशान है। वजह साफ है अमेरिका ईरान जंग के कारण स्टेट ऑफ हार्मोंस बंद और फिर इससे पूरे दुनिया के ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर। ऐसे में भारत के पड़ोसी देश मुसीबत में हैं तो क्या भारत इनका साथ छोड़ देगा? जवाब है नहीं। यही जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय से सामने आई है। बात भूटान की हो, नेपाल की हो, श्रीलंका की हो, मॉरिसिस की हो, हर जगह भारत ने उनकी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने का काम किया है। पड़ोसी कई एक पड़ोसी मुल्क से हमारे पास उनकी तरफ से अनुरोध आया है कि हम उनको ऊर्जा सामग्री उनको उपलब्ध कराएं। कई एक देशों को भारत ऊर्जा सामग्री उपलब्ध करा रहा है। लेकिन इस दरमियान भारत की अपनी जरूरतें हैं उसको मद्देनजर रखते हुए और किस प्रकार की यहां पर उपलब्धि है उसको मद्देनजर रखते हुए किया जा रहा है। भारत ने बांग्लादेश को 22,000 मेट्रिक टन हाई स्पीड डीज़ल मार्च के महीने में मुहैया कराया था और साथ ही साथ इस महीने भी हमारे जो उनको ऊर्जा सामग्री और डीजल दी जाती है वह भी उनको दिया जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: पलट गया खेल.. ट्रंप को 'न्यूक्लियर बम' सौंपेगा खलीफा?

श्रीलंका के संदर्भ में आपको पता है कि 38,000 मेट्रिक टन के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स भारत ने पिछले महीने उनको भेजा था। एक सप्ताह पहले हमारे विदेश मंत्री मॉरिशस के दौरे पर गए थे। उस दौरान दोनों देशों के बीच में बातचीत हुई इस मुद्दे पर और अभी हम लोग इस प्रक्रिया में हैं कि दोनों देशों के बीच में गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट के स्तर पर एक एग्रीमेंट को रूप फाइनल रूप देने की प्रयास कर रहे हैं ताकि मॉरिशस की जो ऊर्जा स्थिति है वह बेहतर हो और भारत उनको ऑयल और गैस  प्रदान करें। जहां तक नेपाल का सवाल है, नेपाल और भारत के बीच जो पहले से चल रहे जो जो एग्रीमेंट हैं, एक तो एग्रीमेंट इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और नेपाल के बीच में है जिसके तहत हम उनको पेट्रोलियम पदार्थ उसको उनको उपलब्ध कराते हैं। और यह उनकी जरूरतों के मुताबिक उनको मुहैया कराया जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: ईरान जंग की सबसे बड़ी खबर, 49 दिन बाद पूरी तरह खोला गया होर्मुज स्ट्रेट

विदेश मंत्रालय ने बताया कि बिना कोई इंटरप्शन के, बिना कोई बाधा के उनको दिया जा रहा है। उसी तरह भूटान के साथ भी हमारे दोनों देशों के बीच में एक समझ है, एक साझेदारी है। ऊर्जा पदार्थ को लेके उनको भी ऊर्जा हम मुहैया करा रहे हैं। जहां तक मालदीव और सेशल्स की बात है,  उनसे भी कुछ हमारे पास अनुरोध आया है और अह उनसे उनसे हमारी लगातार इस मामले में बातचीत चल रही है। मैं साथ-साथ यह भी कहना चाहूंगा कि हमारे पड़ोसी देशों की तरफ से उनके सरकार की तरफ से उन्होंने इस बात की सराहना की है कि हम लोग भारत की तरफ से उनको ऊर्जा सामग्री उनको इस दौरान जब पश्चिम एशिया में संघर्ष चल रहा है इस दरमियान उनको मुहैया कराया जा रहा है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़