Pew Survey Report: Pakistan को लेकर भारतीय Hindus और Muslims की सोच में दिखा बड़ा अंतर, 78% भारतीयों की नजर में Pakistan बड़ा खतरा

Hindu Muslim Survey by Pew Research
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Neha Mehta । Aug 14 2026 10:43AM

अमेरिकी संस्था प्यू रिसर्च सेंटर के नए सर्वे के अनुसार, 78 फीसदी भारतीय पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं, जबकि 93 फीसदी पाकिस्तानियों का नजरिया भी भारत को लेकर खराब है। वहीं, भारत में 58 फीसदी लोग रूस को अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानते हैं, जबकि पाकिस्तान के 75 फीसदी लोग चीन को अपना सबसे खास मित्र मानते हैं।

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बात आते ही राजनीति, सीमा विवाद और सुरक्षा जैसे मुद्दे सामने आ जाते हैं। ऐसे माहौल में अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर का ताजा सर्वे दोनों देशों के लोगों की एक-दूसरे को लेकर सोच की दिलचस्प तस्वीर पेश करता है। सर्वे के मुताबिक, भारत में करीब चार में से तीन लोग पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक राय रखते हैं। वहीं पाकिस्तान में भारत को लेकर नकारात्मक सोच रखने वालों की संख्या इससे भी ज्यादा है। प्यू रिसर्च के मुताबिक, 78 फीसदी भारतीयों ने पाकिस्तान के बारे में नकारात्मक राय जाहिर की। इनमें 65 फीसदी लोगों की राय बेहद नकारात्मक थी। दूसरी तरफ सिर्फ 22 फीसदी भारतीयों ने पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक नजरिया जताया।

पाकिस्तान में भारत को लेकर तस्वीर और ज्यादा सख्त नजर आई। वहां 93 फीसदी लोगों ने भारत के प्रति नकारात्मक राय व्यक्त की। इनमें करीब तीन-चौथाई यानी 73 फीसदी लोगों ने भारत को लेकर अपनी राय को 'बहुत खराब' बताया।

भारत में हिंदू और मुस्लिमों की राय में अंतर

सर्वे का एक अहम पहलू भारत के अलग-अलग धार्मिक समूहों की राय से जुड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय मुसलमानों में पाकिस्तान को लेकर सकारात्मक सोच हिंदुओं की तुलना में ज्यादा है। करीब 21 फीसदी भारतीय मुसलमानों ने पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक राय जताई, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा सिर्फ 6 फीसदी रहा। यानी दोनों समुदायों के बीच इस मुद्दे पर नजरिए में साफ अंतर दिखाई देता है। हालांकि, पाकिस्तान को भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा मानने के मामले में भी दोनों समूहों के बीच अंतर है। करीब 34 फीसदी भारतीय मुसलमान पाकिस्तान को देश के लिए सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल खतरा मानते हैं, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा 57 फीसदी है।

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भारत-पाकिस्तान में एक-दूसरे को ही सबसे बड़ा खतरा मानने की प्रवृत्ति

दिलचस्प बात यह है कि दोनों देशों के लोगों के बीच एक मामले में सोच काफी मिलती-जुलती नजर आती है। दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग पड़ोसी देश को अपने लिए सबसे बड़ा भू-राजनीतिक खतरा मानते हैं। सर्वे के मुताबिक, 54 फीसदी भारतीयों ने पाकिस्तान को अपने देश के लिए सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल खतरा बताया। पाकिस्तान में 43 फीसदी लोगों ने भारत को सबसे बड़ा खतरा माना। यानी सीमा के दोनों ओर सुरक्षा और राजनीतिक तनाव का असर आम लोगों की सोच पर भी साफ दिखाई देता है।

पाकिस्तान में अमेरिका को लेकर सोच बदली

सर्वे में पाकिस्तान से जुड़ा एक और दिलचस्प बदलाव सामने आया है। प्यू रिसर्च के अनुसार, पाकिस्तान में अमेरिका को लेकर सकारात्मक राय में बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट में इसके पीछे ट्रंप प्रशासन की नीतियों को एक संभावित कारण बताया गया है। हालांकि, सर्वे जिस समय पाकिस्तान में किया गया, उस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा था। पाकिस्तान में यह सर्वे 8 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच 1,039 वयस्कों के बीच किया गया था। भारत में सर्वे इससे पहले 8 फरवरी से 27 अप्रैल 2026 के बीच किया गया, जिसमें 3,566 वयस्कों ने हिस्सा लिया।

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चीन, इजरायल और अमेरिका को लेकर भी अलग-अलग तस्वीर

भारत और पाकिस्तान के लोगों के लिए दूसरे देशों से जुड़े खतरे की धारणा भी एक जैसी नहीं है। भारत में पाकिस्तान के बाद 21 फीसदी लोगों ने चीन को बड़ा खतरा माना। वहीं पाकिस्तान में 24 फीसदी लोगों ने इजरायल और इतने ही यानी 24 फीसदी लोगों ने अमेरिका को अपने देश के लिए बड़ा खतरा बताया। इससे साफ है कि दोनों देशों के लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताएं सिर्फ पड़ोसी देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक घटनाक्रम भी उनकी सोच को प्रभावित कर रहा है।

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पाकिस्तान के लिए चीन सबसे बड़ा सहयोगी

सर्वे में पाकिस्तान के सबसे अहम सहयोगियों को लेकर भी सवाल पूछा गया। यहां चीन काफी आगे नजर आया। करीब 75 फीसदी पाकिस्तानियों ने चीन को अपने देश का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। वहीं 12 फीसदी लोगों ने सऊदी अरब का नाम लिया। भारत में तस्वीर कुछ अलग है। यहां 36 फीसदी लोगों ने रूस को सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी बताया, जबकि 16 फीसदी ने अमेरिका को चुना। हालांकि, करीब एक-तिहाई भारतीयों ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।

रूस और पुतिन पर भारतीयों का भरोसा कायम

भारत में रूस को लेकर सकारात्मक नजरिया भी सर्वे में प्रमुखता से सामने आया। करीब 58 फीसदी भारतीयों ने रूस के प्रति सकारात्मक राय जाहिर की। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर भी भारतीयों में भरोसा अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दिया। सर्वे के अनुसार, 51 फीसदी भारतीयों ने पुतिन पर भरोसा जताया। प्यू रिसर्च के मुताबिक, 37 देशों में किए गए इस सर्वे की तुलना में रूस और पुतिन को लेकर सबसे ज्यादा सकारात्मक राय भारत में देखने को मिली।

प्यू रिसर्च के इन आंकड़ों से एक बात तो साफ है कि भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच एक-दूसरे को लेकर धारणा काफी हद तक नकारात्मक बनी हुई है। भारत में पाकिस्तान को लेकर राय में धार्मिक समूहों के बीच अंतर जरूर दिखता है, लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक राय रखने वालों की संख्या कम है। साथ ही, दोनों देशों के लोग अपनी-अपनी सुरक्षा के लिए पड़ोसी देश को बड़ी चुनौती मानते हैं। दूसरी ओर, सहयोगी देशों को लेकर भारत और पाकिस्तान की प्राथमिकताएं बिल्कुल अलग नजर आती हैं—पाकिस्तान में चीन का दबदबा है तो भारत में रूस को लेकर भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। सर्वे ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। इसलिए इन आंकड़ों को सिर्फ आंकड़ों की तरह देखने के बजाय यह समझना भी अहम है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात आम लोगों की सोच को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं।

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