शिव, विष्णु, ब्रह्मा...इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे PM मोदी, बोले- हमेशा शिव से जुड़ने का सौभाग्य मिला

मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने इस धरोहर स्थल का दौरा किया और योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता में ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया। वहां दोनों नेताओं ने लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर परिसर के लिए भारत के सहयोग से शुरू किए गए संरक्षण और जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इस दौरे से 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत भारत की बढ़ती सांस्कृतिक कूटनीति और भारत व इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित किया गया। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल पर पहुंचने से पहले, पीएम मोदी ने विशाल प्रम्बानन मंदिर का हवाई नज़ारा देखा।
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मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने इस धरोहर स्थल का दौरा किया और योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। मोदी ने मंदिर जाने से पहले एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए। उन्होंने दोनों नेताओं की एक तस्वीर भी साझा की जिसमें वे विमान में गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, भव्य प्रम्बानन मंदिर! प्रम्बानन मंदिर परिसर योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है।
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योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित सदियों पुराना यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। दसवीं शताब्दी में बना यह परिसर इंडोनेशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा मंदिर परिसर है। यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार, सबसे भीतरी वर्गाकार प्रांगण के केंद्र में तीन मंदिर हैं जिन पर रामायण महाकाव्य के प्रसंगों को दर्शाती नक्काशी है। ये तीन मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवताओं-शिव, विष्णु और ब्रह्मा-को समर्पित हैं। इनके अलावा तीन मंदिर उन पशुओं को समर्पित हैं जिन्हें इन देवताओं का वाहन माना जाता है।
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