पुतिन दिल्ली आ रहे, एक से बढ़कर एक हथियारोें के साथ S-500 भी ला रहे हैं! चीन-पाक में हड़कंप

Putin
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अभिनय आकाश । Apr 17 2026 7:59PM

एस 500 आखिर इतना खतरनाक क्यों है और पाकिस्तान और कई दुश्मन देश इससे डरते क्यों हैं? इसकी रेंज जो है S500 की ये 600 किमी है। एस 400 की 400 कि.मी. रिस्पांस टाइम S500 का 3 से 4 सेकंड है और S400 का करीब 10 सेकंड। हाइट कैपेबिलिटी की बात करें तो S500 200 कि.मी. स्पेस तक और एस 500 300 कि.मी. ट्रैकिंग पावर।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार दूसरे साल भारत आने वाले हैं। बता दें कि पूरी दुनिया में इस वक्त हलचल मचा दी है। लेकिन कहानी सिर्फ यहां पर बता दें कि पुतिन के दौरे की नहीं है। कहानी उस खतरनाक डिफेंस डील की है जो भारत की ताकत को बता दें कि कई गुना ज्यादा बढ़ा सकती है। दरअसल इस साल भारत में होने जा रहा है ब्रिक्स समिट 2026 जहां पुतिन का आना लगभग तय माना जा रहा है और बता दें कि खास बात इस दौरे की यह है कि पुतिन इससे पहले दिसंबर 2025 में भी भारत आ चुके हैं। यानी लगातार दूसरे साल पुतिन का भारत दौरा है और यह दिखाता है कि इंडिया रशिया पार्टनरशिप कितनी मजबूत हो चुकी है। लेकिन असली धमाका यहां पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस अब भारत को सिर्फएस 500 ही नहीं बल्कि उससे कई गुना ज्यादा एडवांसएस 500 एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी में है और इतना ही नहीं रूस ये भी चाहता है कि भारत के साथ मिलकर एस 500 का जॉइंट प्रोडक्शन भी शुरू किया जाए। 

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एस 500 आखिर इतना खतरनाक क्यों है और पाकिस्तान और कई दुश्मन देश इससे डरते क्यों हैं? इसकी रेंज जो है S500 की ये 600 किमी है। एस 400 की 400 कि.मी. रिस्पांस टाइम S500 का 3 से 4 सेकंड है और S400 का करीब 10 सेकंड। हाइट कैपेबिलिटी की बात करें तो S500 200 कि.मी. स्पेस तक और एस 500 300 कि.मी. ट्रैकिंग पावर। ट्रैकिंग पावर की बात करें तो एस 500 100 टारगेट और एस 400 80 टारगेट। कैपेबिलिटी की बात करें तो एस 500हाइपरसोनिक बैलस्टिक मिसाइल और स्पेस टारगेट तक मार कर सकता है। और एस 400 की बात करें तो एयरक्राफ्ट ड्रोन क्रूज मिसाइल तक सीमित है। यानी यह साफ है कि S500 एक गेम चेंजर है।

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अगर यह डील मेक इन इंडिया के तहत होती है तो भारत दुनिया के सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम बनाने वाले देशों में भी शामिल हो जाएगा। और इससे क्या होगा? अब आप उसे भी समझ लीजिए। भारत की सुरक्षा कई गुना ज्यादा मजबूत हो जाएगी। दुश्मनों के लिए डिट्रेस बढ़ेगा और ग्लोबल डिफेंस पावर में इंडिया की जो पोजीशन है वो कई गुना ज्यादा ऊपर चली जाएगी। पुतिन का लगातार भारत आना यह भी साफ दिखाता है कि रूस आज भी भारत को अपना सबसे ज्यादा भरोसेमंद स्ट्रेटेजिक पार्टनर मानता है और ब्रिक्स जैसे मंच पर भारत की ग्लोबल लीडरशिप और भी ज्यादा मजबूत होती हुई भी इससे नजर आ रही है। तो कुल मिलाकर देखें तो पुतिन का भारत दौरा सिर्फ एक डिप्लोमेटिक इवेंट नहीं है। ये एक ऐसा संकेत है कि भारत अब सिर्फ फॉलोअ नहीं बल्कि ग्लोबल पावर बन रहा है। 

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