Iran Attack पर Europe में बगावत, Switzerland और Spain ने US-Israel को घेरा

ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले की स्विट्जरलैंड और स्पेन ने कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताया है। जर्मनी ने भी इस सैन्य कार्रवाई की वैधता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे वैश्विक नियमों के खिलाफ बताया, जिससे 'ताकतवर के कानून' का खतरा बढ़ गया है।
स्विट्जरलैंड के रक्षा मंत्री मार्टिन फिस्टर ने अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। एक इंटरव्यू के दौरान फिस्टर ने स्पष्ट कहा, 'स्विस फेडरल काउंसिल का मानना है कि ईरान पर यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमला हिंसा पर रोक लगाने वाले वैश्विक नियमों के खिलाफ है और इसमें शामिल सभी देशों को आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत युद्ध रोक देना चाहिए।
'ताकतवर का कानून' लागू होने का डर
जर्मनी के वाइस चांसलर और वित्त मंत्री लार्स क्लिंगबेल ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात पर बहुत शक है कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सही है।' क्लिंगबेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया एक ऐसे खतरनाक दौर की ओर बढ़ रही है जहां कोई नियम नहीं रह जाएंगे और सिर्फ ताकतवर लोगों की बात मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसी व्यवस्था में नहीं रहना चाहते जहां कानून का सम्मान न हो।
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स्पेन और विशेषज्ञों का विरोध
स्पेन ने भी ईरान पर की गई बमबारी को 'लापरवाही भरा और गैर-कानूनी' बताते हुए इसकी निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और इजरायल के इन हमलों का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है और ये संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं, जो किसी भी देश पर बिना वजह हमले की मनाही करता है।
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