अमेरिका और भारत के रिश्ते हुए और मजबूत, 1 अरब डॉलर की नौसेना तोपों का हुआ सौदा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2019   12:23
अमेरिका और भारत के रिश्ते हुए और मजबूत, 1 अरब डॉलर की नौसेना तोपों का हुआ सौदा

अधिसूचना में कहा गया है कि बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा बनाए जाने वाले इन हथियारों की प्रस्तावित बिक्री से भारत को दुश्मनों के हथियारों से मौजूदा और भविष्य के जोखिमोंसे निपटने में मदद मिलेगी।

वाशिंगटन। ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया है कि उसने भारत को एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की नौसेना की तोपों को बेचने का निर्णय लिया है। इस प्रस्तावित बिक्री के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिसे अमेरिका ने अपने नौसेना तोपों के नवीनतम (मोड 4) की बिक्री का फैसला किया है।

इसे भी पढ़ें: अमेरिकी संसद में हांगकांग मानवाधिकार विधेयक पारित, अब ट्रंप पर टिकी नजरें

इन तोपों का इस्तेमाल युद्धपोतों तथा युद्धक विमानों के खिलाफ और तटों पर बमबारी के लिए किया जाता है और इस फैसले से भारतीय नौसेना की घातक क्षमताओं में बढ़ोतरी होगी। रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि 13 एमके-45 पांच इंच/ 62 कैलिबर (एमओडी 4) नौसैनिक तोपों और उनसे संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित विदेशी सैन्य बिक्री की अनुमानित लागत 1.0210 अरब डॉलर है।

इसे भी पढ़ें: अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे 150 भारतीय नागरिक स्वदेश लौटे

अधिसूचना में कहा गया है कि बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा बनाए जाने वाले इन हथियारों की प्रस्तावित बिक्री से भारत को दुश्मनों के हथियारों से मौजूदा और भविष्य के जोखिमोंसे निपटने में मदद मिलेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि एमके-45 गन सिस्टम से अमेरिका और अन्य संबद्ध बलों के साथ अंतर-क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एंटी-सर्फेस युद्ध और एंटी-एयर रक्षा मिशन का संचालनकरने की क्षमता मिलेगी।

इसे भी पढ़ें: तालिबान से छोड़े गए अमेरिकी-ऑस्ट्रलियाई प्रोफेसर का अमेरिका ने किया स्वागत

इसमें कहा गया है कि इस बढ़ी हुई क्षमता की मदद से भारत क्षेत्रीय खतरों से निपटने और अपनी जमीन की रक्षा करने में सक्षम होगा। इसमें आगे कहा गया है कि इस उपकरण की प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र में बुनियादी सैन्य संतुलन में बदलाव नहीं होगा। अधिसूचना के मुताबिक इस संभावित बिक्री की सूचना की कानूनी मंजूरी जरूरी है और इसका ये अर्थ नहीं है कि बिक्री हो चुकी है। अभी तक इन तोपों को ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया को ही बेचा गया है। थाईलैंड को मोड 4 का उन्नत संस्करण दिया गया है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे अपने मित्र देशों को भी अमेरिका इन तोपों की बिक्री करने के लिए प्रतिबद्ध है। 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।