International Highlights: 73 साल बाद मिले दो बिछड़े दोस्त, ‘समिट फॉर डेमोक्रेसी’ में शामिल होंगे पीएम मोदी, पढ़ें अन्य बड़ी खबरें

International Highlights: 73 साल बाद मिले दो बिछड़े दोस्त, ‘समिट फॉर डेमोक्रेसी’ में शामिल होंगे पीएम मोदी, पढ़ें अन्य बड़ी खबरें

करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से बंटवारे के समय में एक-दूसरे से अलग हो गए दो दोस्त का मिलन हो गया है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'समिट फॉर डेमोक्रेसी' में शामिल होने की संभावना है।

प्रभासाक्षी की खास खबरों में जानिए दिनभर की उन अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं के बारे में जिनका सरोकार सीधे जनता से है। करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से बंटवारे के समय में एक-दूसरे से अलग हो गए दो दोस्त का मिलन हो गया है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'समिट फॉर डेमोक्रेसी' में शामिल होने की संभावना है। पढ़िए विस्तार से सभी खबरों को...

करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से 73 साल बाद मिले दो बिछड़े दोस्त, भावुक हुआ पल

हिंदी अखबार NBT में छपी एक खबर के मुताबिक, भारत के सरदार गोपाल सिंह की मुलाकात अपने बचपन के दोस्त मोहम्मद बशीर से हुई है। यह दोनों एक-दूसरे से बंटवारे के समय यानि कि साल 1947 में अलग हो गए थे। साल 1947 के बाद अब एक-दूसरे से मिलना एक सपने की तरह ही रहा। दोनों ने जब एक-दूसरे को देखा तो आंखों में नमी थी। देखते ही एक-दूसरे को गले लगाया। बता दें कि, भारत के सरदार गोपाल की उम्र इस समय 94 साल होगी वहीं मोहम्मद बशीर की उम्र 91 साल हो चुकी है।

चाबहार बंदरगाह की अहमियत, भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण और तालिबान की वजह से क्यों सुर्खियों में है, जानें हर सवाल का जवाब

अफगानिस्तान के इलाके तक जमीन के रास्ते पहुंचना संभव नहीं है। यहां पहुंचने के लिए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का सहारान लेना पड़ता है या फिर ईरान के माध्यम से ही पहुंचा जा सकता है। कराची के रास्ते होने वाले निर्यात या फिर ईरान के बरास्ते होने वाले निर्यात की तुलना में चाबहार से अफगानिस्तान पहुंचना बेहद सस्ता होगा। जिसके पीछे की वजह इसका देश के एकदम करीब होना है। अमेरिका की तरफ से भारत को प्रतिबंधों के बावजूद चाबहार डील पर मंजूरी मिली थी क्‍योंकि ये अफगानिस्‍तान के पुर्ननिर्माण में बहुत मददगार था।

बाइडेन की ‘समिट फॉर डेमोक्रेसी’ में शामिल होंगे पीएम मोदी! चीन और रूस सूची से बाहर, ताइवान आमंत्रित

यूरोप और एशिया के दो बड़े देश आमने-सामने हैं। दोनों के बीच की तल्खी किसी से छिपी नहीं है। दोनों देश एक-दूसरे पर मौका मिलते ही जुबानी हमले करने से गुरेज नहीं करते हैं। ये देश हैं अमेरिका और चीन जिनके बीच पहली बार वर्चुअल मीटिंग हुई। लेकिन इसके बावजूद भी दोनों के बीच की कड़वाहट कम नहीं हुई। अब अमेरिका चीन को अलग-थलग करने पर तुल गया है। जिसके लिए नया प्लान बनाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'समिट फॉर डेमोक्रेसी' में शामिल होने की संभावना है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें शरिया के सिद्धांतों, इस्लामी कानून और अफगान मूल्यों के खिलाफ मानी जाने वाली फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है, जबकि पुरुषों के शरीर के अंतरंग हिस्सों को उजागर करना प्रतिबंधित है। कॉमेडी और मनोरंजन से पता चलता है कि धर्म का अपमान करना या अफगानों के लिए अपमानजनक माना जा सकता है।

आने वाली है दुनिया की पहली बिटकॉइन सिटी, नहीं लगेगा कोई इनकम टैक्स!

मध्य अमेरिका में देश अल सल्वाडोर (El Salvador) ने दुनिया की पहली बिटकॉइन सिटी बनाने की योजना बनाई है। बिटकॉइन सिटी में वह सबकुछ होगा जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते है। इस शहर में रिहायशी इलाका, कमर्शियल एरिया, समेत कई तरह के सर्विसेज़, म्यूजियम, इंटरनेटमेंट के साधन, एयरपोर्ट, पोर्ट, रेल सबकुछ शामिल होगा।