अमेरिका, सहयोगी देशों का शिंजियांग में मानवाधिकार हनन पर चर्चा कराने का प्रस्ताव

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अमेरिका और उसके कई पश्चिमी सहयोगी देशों ने चीन के शिंजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के कथित हनन को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में विशेष चर्चा कराने के लिए सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया।

जिनेवा। अमेरिका और उसके कई पश्चिमी सहयोगी देशों ने चीन के शिंजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के कथित हनन को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में विशेष चर्चा कराने के लिए सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया। ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नार्वे और स्वीडन सहित अन्य देशों के एक समूह ने परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया है, जिसके जरिये 2023 की शुरूआत में होने वाले इसके अगले सत्र में शिंजियांग में चर्चा कराने का अनुरोध किया गया है।

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यह ताइवान के भविष्य जैसे मुद्दों को लेकर हालिया तनाव के मद्देनजर पश्चिमी देशों और बीजिंग के बीच नया भू-राजनीतिक घटनाक्रम है। प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने पर ऐसा पहली बार होगा कि चीन में मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे को परिषद के एजेंडे में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। परिषद के 47 सदस्य हैं। इसका मुख्यालय जिनेवा में है। यहां राजनयिक सात अक्टूबर को परिषद के मौजूदा सत्र का समापन होने से पहले शिंजियांग पर प्रस्ताव पारित कराने की संभावना तलाश रहे हैं।

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