अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव किया पारित, 10 रिपब्लिकन सांसद भी खिलाफ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   08:57
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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव किया पारित, 10 रिपब्लिकन सांसद भी खिलाफ

सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैकोनल ने यह नहीं बताया कि सदन में सुनवाई किस तारीख को होगी, लेकिन उन्होंने एक बयान में कहा कि बाइडन के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ऐसा होने की संभावना नहीं है।

वाशिंगटन। डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में हुई हिंसा के मद्देनजर अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया जा रहा है। इस प्रस्ताव को 197 के मुकाबले 232 मतों से पारित किया था। रिपब्लिकन पार्टी के भी 10 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया। इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘‘ राजद्रोह के लिए उकसाने’’ का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

चार सांसदों ने मतदान नहीं किया। चारों भारतीय-अमेरिकी सांसदों एमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल ने महाभियोग के समर्थन में मतदान किया।अब इस प्रस्ताव को सीनेट में भेजा जाएगा, जो ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए सुनवाई करेगी और मतदान करेगी। सीनेट 19 जनवरी तक के लिए स्थगित है। इसके एक दिन बाद 20 जनवरी को जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमारे देश के खिलाफ यह राजद्रोह, यह हथियारबंद विद्रोह भड़काया। उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।’’ सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने कहा कि राष्ट्रपति ने जो काम किया, उसके खिलाफ संसद की ओर से तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

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सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैकोनल ने यह नहीं बताया कि सदन में सुनवाई किस तारीख को होगी, लेकिन उन्होंने एक बयान में कहा कि बाइडन के राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ऐसा होने की संभावना नहीं है। इससे पहले, प्रतिनिधि सभा ने 18 दिसंबर, 2019 में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोप को पारित किया था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाले सीनेट ने फरवरी 2020 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था। उस दौरान आरोप लगाए गए थे कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच करवाए। डेमोक्रेटिक सांसदों के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत है, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन नेताओं के पास 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है।





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पाक सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर करीमा बलोच को किया सुपुर्द-ए-खाक, जानिए कौन थीं यह ?

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 25, 2021   16:27
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पाक सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर करीमा बलोच को किया सुपुर्द-ए-खाक, जानिए कौन थीं यह ?

करीमा बलोच को सुपर्द-ए-खाक करने के लिए इमरान सरकार को पाकिस्तान की मोबाइल सेवा को भी बंद करना पड़ा। जैसे ही करीमा बलोच का शव पाकिस्तान एयरपोर्ट पहुंचा, वैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया था और अज्ञात स्थान पर जाकर चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया।

पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता करीमा बलोच के शव से अब हिन्दुस्तान का पड़ोसी मुल्क काफी ज्यादा डरा हुआ है। पाकिस्तान अब तो मृत बलूच कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी घबराने लगा है। कनाडा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई करीमा बलोच को इमरान सरकार ने भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया।

करीमा बलोच को सुपर्द-ए-खाक करने के लिए इमरान सरकार को पाकिस्तान की मोबाइल सेवा को भी बंद करना पड़ा। जैसे ही करीमा बलोच का शव पाकिस्तान एयरपोर्ट पहुंचा, वैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया था और अज्ञात स्थान पर जाकर चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया। 

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पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बुलंद की थी आवाज

करीमा बलोच ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी सरकार और सेना द्वारा बलूचिस्तान में किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। ऐसे में बलोच की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पाकिस्तानी सरकार, सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर संदेश जताया जा रहा था। हालांकि, अभी कुछ कह पाना मुमकिन नहीं है। करीमा बलोच की हत्या के बाद अब पाकिस्तान सरकार को डर था कि कहीं करीमा का शव देखकर बलूच लोग विद्रोह ने कर बैठे।

100 प्रेरणादायक महिलाओं में थी शामिल

करीमा बलोच को साल 2016 में 100 प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया था। करीमा बलूच बलूचिस्तान की जानी मानी हस्तियों में से एक थीं। जो लगातार बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को प्रमुखता से उठाती थीं। करीब साल भर पहले दिए गए एक साक्षात्कार में करीमा बलोच ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों को छीनकर बलूच के लोगों को प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए थे। 

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प्रधानमंत्री मोदी को बताया था अपना भाई

सामाजिक कार्यकर्ता और बलोच स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष करीमा बलोच ने साल 2016 में रक्षाबंधन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना भाई बताया था और राखी भेजी थी। इसके साथ ही उन्होंने एक भावुक वीडियो भी साझा किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं एक बहन के तौर पर आपसे कुछ कहना चाहती हूं। बलूचिस्तान में कई भाई लापता हैं और कई भाई तो पाकिस्तानी सेना के हाथों मारे गए हैं। आज भी बहनें अपने लापता भाईयों की राह देख रही हैं। हम आपसे ये कहना चाहते हैं कि बलूचिस्तान की बहनें आपको अपना भाई मानती हैं। आप बलोच नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवाधिकार हनन के खिलाफ अंतराष्ट्रीय मंचों अपनी बलोच बहनों की आवाज बनें।







एक घर में मिले गर्भवती महिला समेत पांच लोगों के शव, निशाना बनाकर किया गया हमला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:30
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एक घर में मिले गर्भवती महिला समेत पांच लोगों के शव, निशाना बनाकर किया गया हमला

इंडियानापोलिस में गोली लगने से गर्भवती महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई है।आईएमपीडी प्रमुख रेंडल टेलर ने कहा कि पुलिस का मानना है कि यह निशाना बनाकर किया गया हमला है।

इंडियानापोलिस। इंडियानापोलिस के एक घर में रविवार तड़के एक गर्भवती महिला समेत पांच लोगों के शव मिले। शहर के पुलिस प्रमुख ने बताया है कि स्पष्ट तौर पर यह हत्या का मामला है। इंडियानापोलिस मेट्रोपोलिटन पुलिस डिपार्टमेंट (आईएमपीडी) के सार्जेंट शेन फॉली ने बताया कि पुलिस शहर के करीब पूर्वोत्तर हिस्से में किसी को गोली लगने के मामले की जांच कर रही थी, इस दौरान उन्हें इस घटना की भी जानकारी मिली। रविवार शाम तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया।

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फॉली ने बताया कि अधिकारी एक नाबालिग को गोली लगने के मामले की जांच कर रहे थे जिसकी उन्हें तड़के चार बजकर 40 मिनट पर जानकारी मिली थी। जांच के सिलसिले में अधिकारी निकट के एक घर में पहुंचे, जहां उन्हें पांच लोग मृत मिले। पांचों को गोली लगी थी। उनमें से एक गर्भवती महिला थी, जिसे अस्पताल ले जा जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। आईएमपीडी प्रमुख रेंडल टेलर ने कहा कि पुलिस का मानना है कि यह निशाना बनाकर किया गया हमला है।





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चीन में गैस पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, आठ लोग घायल; तीन लापता

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 25, 2021   15:24
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चीन में गैस पाइपलाइन में भीषण विस्फोट, आठ लोग घायल; तीन लापता

चीन में गैस पाइपलाइन में विस्फोट में आठ लोग घायल हो गए है।सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक खिड़की के शीशों के टूटने की वजह से आठ लोग घायल हो गए। आग को बुझा लिया गया है और प्राथमिक जांच में इस प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में रिसाव की वजह से विस्फोट की बात सामने आई है।

बीजिंग। पूर्वोत्तर चीन के बंदरगाह शहर डालियान में सोमवार को एक प्राकृतिक गैस की पाइपलाइन में विस्फोट से आठ लोग घायल हो गए और तीन अन्य लापता हैं। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिनझाओ जिले में डालियान के आवासीय इलाके के निकट स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब छह बजे यह घटना हुई।

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सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक खिड़की के शीशों के टूटने की वजह से आठ लोग घायल हो गए। आग को बुझा लिया गया है और प्राथमिक जांच में इस प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में रिसाव की वजह से विस्फोट की बात सामने आई है।





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