Strait of Hormuz Conflict | अमेरिका ने ईरान पर किए नए हवाई हमले, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू

Hormuz
ANI
रेनू तिवारी । Jul 16 2026 9:21AM

इस ताज़ा सैन्य कार्रवाई में इस्लामिक रिपब्लिक की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया है, जो वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुज़रने वाले जहाजों के लिए खतरा बनी हुई थीं।

मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर पूर्ण युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का एक और बड़ा दौर शुरू कर दिया है। इस ताज़ा सैन्य कार्रवाई में इस्लामिक रिपब्लिक की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया है, जो वैश्विक व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुज़रने वाले जहाजों के लिए खतरा बनी हुई थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर बुधवार दोपहर 3 बजे (पूर्वी समय - ET) यह दूसरा बड़ा हमला किया गया।

X पर एक पोस्ट में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ये ताज़ा हमले अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर दोपहर 3 बजे ET (पूर्वी समय) पर किए गए। यह बुधवार (स्थानीय समय) को हुए हमलों का दूसरा दौर था।

CENTCOM ने अपने पोस्ट में कहा, "आज दोपहर 3 बजे ET पर, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों के दूसरे दौर के लिए ऑपरेशन शुरू किया। इन हमलों में ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया जा रहा है जिनका इस्तेमाल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आज़ादी से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। अमेरिकी सेना कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर ईरान को इसके लिए जवाबदेह ठहरा रही है।"


ईरानी शहरों में धमाकों की खबर

हमलों के बाद, ईरानी मीडिया ने दक्षिणी शहरों अहवाज़ और चाबहार में धमाकों की खबर दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये धमाके सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन से जुड़े थे या नहीं।

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यह ताज़ा हमला तब हुआ जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार सुबह 7:30 बजे ET पर हमलों का पिछला दौर पूरा किया था। इससे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में लगातार तेज़ी देखी जा रही है।

CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ग्रेटर टुनब द्वीप पर ईरान के तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज़ मिसाइल स्टोरेज व लॉन्च साइटों के खिलाफ सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों (precision-guided munitions) का इस्तेमाल करते हुए 90 मिनट का ऑपरेशन चलाया।

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सैन्य कमांड ने कहा कि पिछले हमलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कम कर दिया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

अमेरिका ने होर्मुज़ में नाकेबंदी फिर से लागू की

इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने की कोशिश कर रहे जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में अपने हवाई हमलों के अभियान को तेज़ कर दिया है।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका के ताज़ा हमलों में ईरानी सेना की एक बैरक को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम सात सैनिक मारे गए और देश भर में सैकड़ों लोग घायल हो गए। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से चल रहे हमलों और दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम समुद्री रास्ते पर फिर से मंडराते खतरों ने टकराव खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को खत्म कर दिया है। ऐसे में यह इलाका एक बार फिर पूर्ण युद्ध की स्थिति में पहुँच सकता है।

अमेरिका ने शुरू में अप्रैल में नौसैनिक नाकेबंदी लागू की थी, लेकिन पिछले महीने इसे हटा लिया था। ऐसा तब किया गया जब दोनों पक्ष एक अंतरिम युद्धविराम पर सहमत हुए, जिससे लड़ाई रुकी और बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिला, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत भी शामिल थी। हालाँकि, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास तनाव तेज़ी से बढ़ने के कारण अब वह बातचीत रुक गई है।

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