जापान में विवादित अमेरिकी सैन्य अड्डे को हटाने के कदम के ‘खिलाफ’ मतदान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2019   13:16
जापान में विवादित अमेरिकी सैन्य अड्डे को हटाने के कदम के ‘खिलाफ’ मतदान

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सरकार इस सैन्य अड्डे को किसी और जगह स्थानांतरित करने पर जोर दे रही है और अमेरिका भी इस फैसले के साथ है। मतपत्र में निवासियों से यह पूछा गया है कि क्या वे अपनी जमीन पर फिर से स्वामित्व पाने के लिये इस योजना का समर्थन करते हैं।

नागो (जापान)। गैर बाध्यकारी जनमत संग्रह के एक्जिट पोल के अनुसार जापान के ओकिनावा द्वीप के मतदाताओं ने विवादित अमेरिकी सैन्य अड्डे को किसी और जगह हटाने के कदम को खारिज कर दिया है। यह तत्काल साफ नहीं हो पाया कि क्या इस जनमत संग्रह के लिये पर्याप्त संख्या में इसके विपक्ष में मतदान करने वाले आये थे, जिसके आधार पर ओकिनावा के गवर्नर डेन्नी तमाकी इस प्रतीकात्मक जनमत संग्रह के नतीजों पर ‘गौर’ करते। इसके लिये 290,000 योग्य मतदाताओं को कोई एक विकल्प चुनना था - ‘पक्ष’ में या ‘विपक्ष’ में अथवा ‘इनमें से कोई नहीं’। किसी भी लिहाज से यह मतदान केंद्र सरकार के लिये गैर बाध्यकारी होता। बहरहाल मतदान करीब 50 प्रतिशत के आस-पास रहा जिससे यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इस जनमत संग्रह का असर क्या होगा।

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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सरकार इस सैन्य अड्डे को किसी और जगह स्थानांतरित करने पर जोर दे रही है और अमेरिका भी इस फैसले के साथ है। मतपत्र में निवासियों से यह पूछा गया है कि क्या वे अपनी जमीन पर फिर से स्वामित्व पाने के लिये इस योजना का समर्थन करते हैं। पेशे से स्कूल शिक्षक युकी मियागाकी ने मतदान के बाद कहा, ‘‘इस जनमत संग्रह के लिये वे कर के ढेर सारे पैसों और मानवश्रम का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि इसके नतीजे का कोई कानूनी महत्व नहीं है।’’ उधर, 32 वर्षीय नारुमी हाइने ने बताया, ‘‘नये सैन्य अड्डे के निर्माण के लिये सामान्यत: हमारी ना है।

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यह हमारी सरकार को एक ठोस संख्या में सीधे-सीधे अपनी बात बताने का एक बेहतर अवसर है। यह एक महत्वपूर्ण मतदान है।’’ अमेरिका के साथ जापान के सैन्य गठबंधन को एक अहम भागीदारी के तौर पर देखा जाता है और ताइवान के निकट होने के कारण अमेरिका ओकिनावा को एशिया में अपनी स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़े सामरिक महत्व वाले क्षेत्र के तौर पर देखता रहा है।





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