खामनेई की मौत, जयशंकर का अराघची-गिदोन सार को फोन, इजरायल-ईरान की जंग में अब तक क्या हुआ? 10 प्वाइंट में जानें

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इजरायली समकक्ष गिदोन सा'आर से फोन पर बातचीत की और अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले के बाद क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव के बीच भारत ने शनिवार को सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और स्थिति को और भड़कने से रोकने की अपील की। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। तेजी से बदलते घटनाक्रम पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में भारत सरकार ने कहा कि वह ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे ताज़ा घटनाक्रम से “गहरी चिंता” में है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर जोर दिया कि मौजूदा संकट का समाधान केवल “संवाद और कूटनीति” के रास्ते से ही संभव है। भारत ने संबंधित सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव कम करने के लिए रचनात्मक पहल करें और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को प्राथमिकता दें। नई दिल्ली ने यह भी संकेत दिया कि किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से व्यापक अस्थिरता पैदा हो सकती है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके इजरायली समकक्ष गिदोन सा'आर से फोन पर बातचीत की और अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक बड़े हमले में मौत हो गयी है। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इसकी पुष्टि की। इस घटना ने ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले खोमेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में ‘‘वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’’ मिला है। यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ द्वारा ली गयी सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखायी दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है।
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अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से ‘अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने’ और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार शाम को ‘रेड क्रिसेंट’ के हवाले से बताया कि कम से कम 201 लोग मारे गए हैं और 700 से अधिक घायल हुए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे तथा हमले रातभर जारी रहे। ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ और ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी तथा राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया। ट्रंप ने ‘‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’’ शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से कहा, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह आपकी होगी जिसकी बागडोर आप अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह आपके पास एकमात्र मौका होगा। कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू करने का आह्वान किया और क्षेत्र के देशों पर ईरानी हमलों की निंदा की। इन देशों ने शनिवार को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजराइली हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने शनिवार को एक बयान जारी करके कहा कि उनके देशों ने ईरान पर हुए हमलों में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन वे अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के अन्य साझेदारों के साथ घनिष्ठ संपर्क में हैं। इन तीनों देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयासों का नेतृत्व किया है। इन देशों ने कहा, “हम क्षेत्रीय देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।
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ईरान पर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात के लगातार बिगड़ने से प्रमुख विमानन गंतव्य एवं वाणिज्यिक केंद्र दुबई से आने-जाने वाली उड़ानों का संचालन शनिवार को बड़े पैमाने पर बाधित हुआ। हवाई क्षेत्र बंद होने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में कई उड़ानें बाधित हुई हैं। दुबई हवाई अड्डे के बयान में कहा गया, ‘‘संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद किए जाने के परिणामस्वरूप डीएक्सबी और ‘दुबई वर्ल्ड सेंट्रल-अल मकतूम इंटरनेशनल’ (डीडब्ल्यूसी) पर कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं या उनमें देरी हुई है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद, ईरान ने जवाबी सैन्य हमले शुरू किए, जिसमें इजरायल और कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
सऊदी अरब ने कहा है कि ईरान ने रियाद और पूर्वी क्षेत्र में ‘कायरतापूर्ण हमला किया है। सऊदी अरब ने सरकारी मीडिया पर एक घोषणा में कहा कि ईरान ने उसकी राजधानी और पूर्वी क्षेत्र को निशाना बनाकर हमला किया, जिसे नाकाम कर दिया गया। अमेरिका और इजराइल के हमलों के कुछ घंटों बाद, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजराइल को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किये हैं।
ईरान के दक्षिणी हिस्से में एक स्कूल पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हुई।
इजराइल स्थित भारतीय दूतावास ने भी इसी तरह की सलाह जारी कर देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों से "अत्यंत सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने" का आग्रह किया है। इजराइल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की संख्या 41,000 से अधिक है।
एयर इंडिया, इंडिगो और अन्य भारतीय एयरलाइंस ने शनिवार को मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि नियामक डीजीसीए ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के मद्देनजर एयरलाइंस को 11 देशों के हवाई क्षेत्रों से अस्थायी रूप से बचने की सलाह दी। मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्रों के अचानक बंद होने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए एयरलाइंस के प्रयासों के बीच, उड़ान ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, सैकड़ों उड़ानें विभिन्न हवाई क्षेत्रों में मंडराती हुई देखी गईं।
भारतीय विमानन प्राधिकरण और निजी हवाई अड्डा संचालकों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, क्रू लॉजिस्टिक्स और आव्रजन सहायता के लिए एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई है। एयरलाइंस प्रभावित उड़ानों के लिए टिकटों के पुनर्निर्धारण और रद्द करने पर छूट भी दे रही हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमलों पर चिंता व्यक्त की है और तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए सभी पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत व समझौता फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। इजराइल स्थित चीनी दूतावास ने इजराइल में रहने वाले चीनी नागरिकों को जल्द से जल्द देश के भीतर सुरक्षित क्षेत्रों में जाने या ताबा सीमा चौकी के रास्ते मिस्र जाने की सलाह दी। अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला किया, जिसमें उसकी सैन्य क्षमता को निशाना बनाया गया। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 1989 से देश पर कड़े शासन से राज कर रहे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई इस हमले में मारे गए।
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