Putin संग Xi Jinping की West Asia पर हुंकार, कहा- अब बस, तत्काल रोकें लड़ाई

Jinping Putin
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चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ बीजिंग में हुई बैठक में पश्चिम एशिया में शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है, जो ईरान-इजराइल संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम है। दोनों नेताओं ने ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए बातचीत पर जोर दिया।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच बुधवार को पश्चिम एशिया में शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया और कहा कि स्थिति एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है। चिनफिंग ने यहां अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की। ‘पीपुल्स ग्रेट हॉल’ में पुतिन का स्वागत करते हुए शी चिनफिंग ने कहा कि खाड़ी और पूरे पश्चिम एशिया में लड़ाई को रोकना होगा और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत जारी रहनी चाहिए। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि संघर्ष का शीघ्र अंत ऊर्जा आपूर्ति, औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था में होने वाली बाधाओं को कम करने में सहायक होगा।

शी चिनफिंग और पुतिन के बीच वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को चीन यात्रा के कुछ दिनों बाद हुई, जिसमें उन्होंने ईरान-इजराइल संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य और द्विपक्षीय व्यापारिक तनावों पर चीनी नेता के साथ व्यापक चर्चा की थी। इस बैठक पर करीब से नजर रखी जा रही है, क्योंकि चीन और रूस दोनों ही ईरान के प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं और उनके ईरान के साथ घनिष्ठ आर्थिक और सैन्य संबंध हैं और वे होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के ईरान के कड़े रुख को प्रभावित कर सकते हैं, जिसने एक बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। शी चिनफिंग ने अंतरराष्ट्रीय स्थिति को ‘‘अस्थिर और उथल-पुथल भरी’’ बताया और ट्रंप की नीतियों की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए कहा कि ‘‘एकपक्षवाद और वर्चस्ववाद फिर से उभर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी शांति, विकास और सहयोग लोगों की आकांक्षा बने हुए हैं।’’ चीन-रूस के बीच घनिष्ठ समन्वय का आह्वान करते हुए शी चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर वैश्विक शासन व्यवस्था को ‘‘और अधिक न्यायसंगत तथा तर्कसंगत’’ बनाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और विश्व के प्रमुख देशों के रूप में चीन और रूस को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, उच्च गुणवत्ता वाले व्यापक रणनीतिक समन्वय के माध्यम से अपने-अपने देशों के विकास और पुनरुत्थान को आगे बढ़ाना चाहिए, तथा वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और तर्कसंगत बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।’’ क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन की यात्रा के दौरान लगभग 40 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। पुतिन की चीन की यह 25वीं यात्रा है। उन्होंने शी चिनफिंग को अपना ‘‘प्रिय मित्र’’ बताया और दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच घनिष्ठ समन्वय और सहयोग को रेखांकित किया।

रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, अपने उद्घाटन संबोधन में पुतिन ने कहा, ‘‘माननीय राष्ट्रपति शी चिनफिंग, प्रिय मित्र! यहां एक चीनी कहावत का उपयोग करना उचित होगा: चीन में लोग कहते हैं, ‘एक दिन की दूरी तीन शरद ऋतुओं जितनी लंबी लगती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वास्तव में आपसे मिलकर बहुत खुश हैं, और हम लगातार व्यक्तिगत रूप से भी तथा अपने सहयोगियों के माध्यम से भी आपसी तालमेल बनाए रखते हैं।’’ दोनों नेताओं ने 25 वर्ष पहले हस्ताक्षरित चीन-रूस सद्भावना और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि को आगे भी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इससे पहले ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में वार्ता से पहले, शी चिनफिंग ने पुतिन का औपचारिक स्वागत किया।

औपचारिक स्वागत के बाद द्विपक्षीय वार्ता हुई। मंगलवार रात यहां पहुंचे पुतिन का स्वागत चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने किया। अपनी यात्रा से पहले मंगलवार को दिए गए एक वीडियो संबोधन में पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध वास्तव में अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं। ईरान रूस और चीन दोनों का करीबी रणनीतिक साझेदार है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान से 90 प्रतिशत तेल आयात करता है।

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