Yemen: राजधानी Sanaa के पास हवाई हमलों में 25 लोगों की मौत, 30 घायल

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यमन की राजधानी सना के निकट अल-शरिया गांव में हुए हवाई हमलों में कम से कम 25 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हूती विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों का आरोप सऊदी अरब पर लगाया है। इस घटना में 30 अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

काहिरा, सात नवंबर (एपी) यमन की राजधानी सना के पास एक गांव में शनिवार को हवाई हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए। मृतकों और घायलों में ज्यादातर महिलाएं तथा बच्चे शामिल हैं। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से बातचीत में आरोप लगाया कि अल-शरिया गांव पर ये हमले सऊदी अरब ने किए। एपी हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। सऊदी अरब के सूचना मंत्रालय ने भी एपी की टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया।

इन हमलों में हुई मौतों से यमन में गृहयुद्ध की स्थिति तेजी से बिगड़ने का संकेत मिलता है। वहां कई वर्षों से लागू संघर्षविराम गर्मियों में टूट गया था। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का सना और देश के उत्तरी तथा पश्चिमी हिस्सों पर नियंत्रण है जबकि दक्षिण एवं पूर्व में मौजूद सऊदी समर्थित उनके विरोधियों के बीच लड़ाई तेज हो गई है।

हूती अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को दक्षिणी यमन के एक बाजार में हुए हवाई हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी। हूती विद्रोहियों और यमन की सऊदी समर्थित सेना ने इस हमले के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया था। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर शनिवार के हमलों के बाद के दृश्य प्रसारित किए गए।

इनमें अस्पताल में कर्मचारी एंबुलेंस से कई छोटे बच्चों के शव बाहर निकालते दिखाई दिए। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाके में स्थित यह गांव सना से करीब 15 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। वहां से प्रसारित दृश्यों में नष्ट हुए मकानों का मलबा और हवा में उड़ती धूल दिखाई दी।

लोग आसपास के खेतों में छिपते नजर आए। अल-असबाही ने अल-मसीरा टीवी को बताया कि हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 25 हो गई है। इससे पहले उन्होंने एपी को 22 लोगों की मौत की जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया कि हमलों में क्षतिग्रस्त मकानों के मलबे में अब भी आम नागरिक दबे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मलबे से लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे बचावकर्मियों को भी बाद के हवाई हमलों में निशाना बनाया गया। यमन में फिर से लड़ाई शुरू होने से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि देश एक दशक से अधिक समय से जारी गृहयुद्ध की भयावह स्थिति में दोबारा पहुंच सकता है।

इस युद्ध ने दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है। युद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने उत्तर से आगे बढ़कर राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया। इसके बाद सऊदी अरब ने सरकार के समर्थन में एक गठबंधन बनाया और कई वर्षों तक हवाई हमले किए।

नागरिकों की मौतों को लेकर इस अभियान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी।

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