Vishwakarma Puja 2026: 16 या 17 कब है विश्वकर्मा पूजा? जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

vishwakarma puja
प्रतिरूप फोटो
AI Image

हिंदू धर्म में देवताओं के वास्तुकार और संसार के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की पूजा कन्या संक्रांति पर 17 सितंबर को की जाएगी। इस दिन कारखानों में मशीनों और औजारों की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए दोपहर का समय सबसे उत्तम माना गया है।

हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पकार, वास्तुकार और निर्माण कला के जनक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि विश्वकर्मा ने ही देवताओं के लिए अस्त्र-शस्त्र और भव्य महलों का निर्माण किया था। हर साल यह पर्व कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर औऱ वास्तुकार माना जाता है। विश्वकर्मा जयंती के दिन कारखानों में मशीन, औजरों की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। आइए आपको बताते हैं विश्वकर्मा पूजा कब है और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त।

विश्वकर्मा पूजा 2026 कब है? (Vishwakarma Puja 2026 Date)

हर साल कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा की जाती है। इसका मतलब, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेगा, तो उसे कन्या संक्रांति कहा जाता है। इस बार सूर्य कन्या राशि में 17 सितंबर को प्रवेश करने जा रहे हैं। इसी दिन विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी।

विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त

- सामान्य मुहूर्त: चल चौघड़िया 10 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 16 मिनट तक।

-उत्तम मुहूर्त: लाभ चौघड़िया दोपहर में 12 बजकर 16 मिनट से 1 बजकर 48 मिनट तक।

- उत्तम मुहूर्त: अमृत चौघड़िया दोपहर में 1 बजकर 48 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक।

बता दें कि, भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए दोपहर का समय सबसे बेस्ट है।

विश्वकर्मा पूजा विधि

- सबसे जरुरी है पूजा स्थल को अच्छे से साफ करना। फिर भगवान विश्वकर्मा का प्रतिमा स्थापित करें।

- अब आप कलश की स्थापना करें और हाथ में थोड़ा अक्षत और जल लेकर पूजा का संकल्प लें।

- इसके बाद भगवान विश्वकर्मा को जल, अक्षत, रोली, फूल और मिठाई अर्पित करें।

- फिर कार्यस्थल पर काम आने वाली मशीनों और वाहन आदि की पूजा करें।

- आखिर में भगवान विश्वकर्मा का कथा का पाठ करें और उनकी आरती के साथ पूजा संपन्न करें।

- इसके बाद प्रसाद वितरित करने के बाद खुद भी प्रसाद ग्रहण करें।

All the updates here:

अन्य न्यूज़