Mangala Gauri Vrat 2026: तीसरे मंगला गौरी व्रत पर करें ये उपाय! Mangal Dosha और Marriage Obstacles होंगे दूर

Mangala Gauri Vrat 2026
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सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत पर देवी पार्वती की आराधना का विश्लेषण वैवाहिक बाधाओं और मंगल दोष के प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। शुभ मुहूर्त में षोडश श्रृंगार और कन्या पूजन के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया जा सकता है। मंगल ग्रह की शांति के लिए नीम पूजन और विशिष्ट मंत्रों का जाप जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक है।

श्रावण मास भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विशेष समय माना जाता है। हालांकि, इसी पावन महीने में पड़ने वाले मंगलवार भी देवी शक्ति की साधना के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सावन महीने के हर एक मंगलवार को सुहागिन महिलाएं पति वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य और पति के अच्छे स्वास्थ्य  के लिए मंगला गौरी व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाह जीवनसाथी प्राप्त करने के लिए यह व्रत रख सकती हैं। 

मंगला गौरी व्रत रखने से विवाह में आ रही रुकावटें और मंगल दोष से राहत पाने के लिए आप शिव-शक्ति की विशेष पूजा कर सकती हैं। 

तीसरे मंगला गौरी व्रत के शुभ मुहूर्त

तीसरे मंगला गौरी व्रत रखने जा रही हैं, तो एक बार शुभ मुहूर्त जान लें-

-अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक

-अमृत काल: रात 09:18 बजे से 11:01 बजे तक

-ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:32 बजे से 05:20 बजे तक

विवाह में रुकावट दूर करने का उपाय 

क्या आपके विवाह में काफी देरी हो रही है? तो आप मंगला गौरी व्रत के दिन मां गौरी की विधिवत रुप से पूजा कर सकती हैं। इस दिन 16 श्रृंगार की सामग्री मां गौरी को अर्पित कर सकती हैं। फिर 'ॐ गौरीशंकराय नमः' मंत्र का 21 या 108 बार जाप जरुर करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने की कामना की जा सकती है।

वही, आप अपने घर पर 5 या 7 कन्याओं को घर बुलाकर प्रेमपूर्वक भोजन कराएं। भोजन कराने के बाद उन्हें चूड़ी, बिंदी, फल आदि आप अपने हिसाब से भेंट कर सकती हैं। माना जाता है कि कन्या पूजन से देवी शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

मंगल दोष से राहत पाने के लिए करें उपाय

मंगल साहस, ऊर्जा और भूमि से संबंधित ग्रह माने जाते हैं। कुंडली में मंगल प्रतिकूल स्थिति होने पर मंगला गौरी व्रत के दिन देवी की पूजा के साथ मंगल से जुड़े उपाय किए जाते हैं। 

इसलिए आप कल यानी तीसरे मंगलवार को दक्षिण दिशा में नीम का पौधा लगाएं। अगर पौधा लगाना संभव न हो तो नीम के पेड़ की श्रद्धापूर्वक पूजा करें। सुबह और शाम उसके नीचे दीपक जरुर जलाएं। मान्यता है कि मंगल से संबंधित अशुभ प्रभावों को शांत करने और रुके हुए मांगलिक कार्यों में गति आने लगती है। 

मंगल ग्रह की शांति के लिए मंत्र जाप

इस दिन आप मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगल के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। नीचे दिए गए इन मंत्रों में से कोई एक मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते है-

'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः'

या

'ॐ अं अंगारकाय नमः'

इसके अतिरिक्त, लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे की वस्तु या लाल रंग के वस्त्र का जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर सकते हैं। इन उपाय के करने से मंगल ग्रह शांत होगा और उसकी सकारात्मक ऊर्जा आपको प्राप्त होगी। इतना ही नहीं, भूमि विवाद या काननी मामलों जैसी मंगल से जुड़ी परेशानियों में अनुकूल परिणाम की प्रार्थना कर सकते हैं। 

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