Solar Eclipse में जन्म लेने पर क्या लगता है कोई दोष, ज्योतिषीय मान्यता और वैज्ञानिक सच

Solar Eclipse Birth Effects
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वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान जन्मे बच्चों को जीवन में संघर्ष और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि भविष्य का संपूर्ण आकलन पूरी कुंडली पर निर्भर करता है। इसके विपरीत, विज्ञान इसे केवल एक सामान्य खगोलीय घटना मानता है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय और ज्योतिषीय घटना मानी जाती है। अक्सर ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को लेकर गर्भवती महिलाओं के लिए कई तरह की सावधानियां बताई जाती हैं। ऐसे में अगर किसी बच्चे का ग्रहण के दौरान जन्म होता है, तो क्या उसका कोई विशेष प्रभाव होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ग्रहण के दौरान जन्मे लोगों के बारे में ज्योतिष क्या कहता है और इसका वैज्ञानिक दृष्टिकोण क्या है।

जानिए ग्रहण के समय जन्म पर क्या कहता है ज्योतिष

वैदिक ज्योतिष में ग्रहण के समय जन्म को सामान्य जन्म से अलग माना जाता है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र की परंपरा में ग्रहण के दौरान जन्म लेने वाले लोगों के लिए संघर्ष, सेहत और आर्थिक परिस्थितियों में जुड़ी चुनौतियों के होने का जिक्र मिलता है। लेकिन इसको किसी जातक के पूरे जीवन के निश्चित भविष्यफल की तरह नहीं देखा जा सकता है।

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ज्योतिष में सूर्य को जीवन ऊर्जा, आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, मान-सम्मान और व्यक्तित्व का प्रतिनिधि माना गया है। वहीं ग्रहण के दौरान सूर्य पर राहु का प्रभाव होता है। इसलिए इस दौरान जन्मे बच्चे की कुंडली में सूर्य-राहू की स्थिति और दोनों के बीच की दूरी को विशेष महत्व दिया जाता है।

क्या ग्रहण में जन्मे बच्चे को लगता है दोष

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण से संबंधित प्रभावों को शांत करने के लिए शांति पूजा के अलावा अन्य धार्मिक उपायों का जिक्र मिलता है। लेकिन किसी भी बच्चे के भविष्य का आकलन सिर्फ इस आधार पर किए नहीं किया जाता है कि उसका जन्म ग्रहण के समय हुआ है। ज्योतिष में भविष्य का आकलन जन्मतिथि, स्थान, समय और कुंडली में मौजूद ग्रह आदि की स्थिति पर किया जाता है।

जाने क्या कहता है साइंस

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है। जिसमें सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है। ऐसे में इसका किसी बच्चे के जन्म, व्यक्तित्व, सेहत या भविष्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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