सुरक्षा में बढ़ोतरी योजना (व्यंग्य)

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ख़ास परीक्षा के, अब ऐतिहासिक हो चुके प्रश्न पत्र के मामले में, सुरक्षा सुदृढ़ करने में सुप्रीम सुरक्षा एजेंसी को खोजबीन सौंपना भी एक तरह से सुरक्षा बारे खबरदार करना है। इस उचित निर्णय से भविष्य में यह गलत काम करने वाले डरेंगे। उनके दिमाग में यह चेतावनी चिपकी रहेगी कि अगर फंस गए तो मुकदमे में सालों साल उलझे रहेंगे।

पिछले कुछ दिनों से मानसिक सुरक्षा में बढ़ोतरी महसूस हो रही है। सुना है एक ख़ास परीक्षा की सुरक्षा बनाए रखने के मामले में सुरक्षा विभाग पास नहीं हो पाया, इसलिए अब उस ख़ास परीक्षा के प्रश्न पत्र, ख़ास विभाग के विमान से भेजे जाएंगे। यह बेहद प्रेरित करने वाला निर्णय है। अब दूसरी परीक्षाओं के आयोजकों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी उनके द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं के प्रशन पत्र ही नहीं बलिक उत्तर पुस्तिकाओं को भी हवाई मार्ग से मंगाया करेंगे। स्वाभाविक नहीं निश्चित है, समुचित व्यवस्था बनाए रखने में उच्च कोटि का अनुभव रखने वाले नियंत्रक उन्हें मानव स्पर्श रहित मार्ग उपलब्ध करवाएंगे। कभी लाखों में एक बार ऐसा भी हो सकता है कि परीक्षा केंद्र के अधीक्षक का कोई निजी कार्य रह गया हो तो उसी विमान से करवा लिया जाए। वक़्त काबू में रहा तो उनके परिवार को भी आसमान का चक्कर लगवा दिया जाएगा और घर की छत पर खड़े होकर रिश्तेदार, हाथ नहीं इस अवसर के लिए सिलवाए झंडे जोर जोर से हिला सकेंगे।  

वैसे तो छोटा नहीं मोटा सामान ले जाने के लिए भी आजकल ड्रोन प्रयोग हो रहे हैं। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय युद्ध में एक शस्त्र की तरह इस्तेमाल होने के कारण ड्रोन, युद्ध क्षेत्र में यश अर्जित कर रहे हैं इसलिए शांत क्षेत्र में प्रश्न पत्र पहुंचाने के लिए उन्हें उचित नहीं समझा गया। अब विमान निर्माण कम्पनियां सर्वे करेंगी और यह पता लगाएंगी कि भविष्य में कितने युवा ख़ास परीक्षाओं में बैठने वाले हैं। उस हिसाब से अनेक आकार के विमानों का निर्माण होगा जो सीधे परीक्षा केंद्र की छत पर बाक्स उतार दिया करेंगी। एयरपोर्ट पर डिलीवरी लेकर, बख्तरबंद गाड़ी और सुरक्षा कर्मियों का खर्च भी बचेगा। छत से परीक्षार्थी के हाथों तक पहुंचाने के लिए, परीक्षा केंद्र के संचालक और अन्य पर्यवेक्षी स्टाफ को नए किस्म की सुरक्षा वर्दी दी जाएगी जो प्रश्न पत्र को हस्त स्पर्श रहित तरीके से पहुंचाएगी। इससे सुरक्षा में कोई कमी न रहेगी तो लीक होने की आशंका भी समाप्त हो जाएगी।  

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ख़ास परीक्षा के, अब ऐतिहासिक हो चुके प्रश्न पत्र के मामले में, सुरक्षा सुदृढ़ करने में सुप्रीम सुरक्षा एजेंसी को खोजबीन सौंपना भी एक तरह से सुरक्षा बारे खबरदार करना है। इस उचित निर्णय से भविष्य में यह गलत काम करने वाले डरेंगे। उनके दिमाग में यह चेतावनी चिपकी रहेगी कि अगर फंस गए तो मुकदमे में सालों साल उलझे रहेंगे और अगर फैसला हो गया तो सजा मिलेगी। अब उन्हें यह आत्म ज्ञान हो जाएगा कि शिक्षा के किसी भी मामले में सज़ा भुगतना पाप के बराबर है। शिक्षा के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाता है और  सिर्फ कुछ महत्त्वपूर्ण लोगों के तबादले कर दिए जाते हैं और अखबारों की हेड लाइन छपती है। इससे दूसरों को सबक मिलता है। वह बात अलग है कि उन दूसरों और तीसरों को पता होता है कि कुछ दिनों बाद फिर तबादले होंगे और कोई खबर नहीं छपेगी। इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि विकास और सुरक्षा में हम विश्वगुरु हैं फिर भी किसी भी छोटी या बड़ी घटना से कुछ न कुछ सीखते हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं। यह सब सुरक्षा बढ़ोतरी योजना के अंतर्गत आता है।  

- संतोष उत्सुक

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