म्यांमार में फंसे 30 भारतीयों को बचाया गया, भारतीय दूतावास ने कहा- शेष को रिहा कराने के प्रयास जारी :

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म्यामां में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। भारतीय दूतावास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 300 भारतीयों को म्यांमा में एक गिरोह द्वारा बंधक बनाये जाने की खबरें आई है जिसमें अनेक लोग तमिलनाडू से हैं।

नयी दिल्ली। म्यांमा में भारतीय दूतावास ने बुधवार को बताया कि म्यांमा में ‘अवैध रूप से बंधक’ बनाए गए भारतीयों में से अब तक 30 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और शेष को रिहा कराने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे है। म्यामां में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। भारतीय दूतावास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 300 भारतीयों को म्यांमा में एक गिरोह द्वारा बंधक बनाये जाने की खबरें आई है जिसमें अनेक लोग तमिलनाडू से हैं। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने राजदूत विनय कुमार से म्यांमा में भारतीयों के बंधक बनाये जाने के बारे में बात की। उन्होंने बताया, ‘‘ राजदूत ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी और बताया कि सभी भारतीयों को जल्द से जल्द रिहा कराने को लेकर सभी प्रयास किये जा रहे हैं। मिशन इस मामले पर करीबी नजर रखे हुए है। ’’ 

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वहीं, म्यांमा में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर कहा कि सुरक्षा चुनौतियों तथा अन्य कानूनी एवं आवागमन से जुड़ी समस्याओं के बावजूद हमने अब तक 30 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया है और अन्य भारतीयों को सुरक्षित निकालने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने म्यांमा में ‘अवैध रूप से बंधक’ बनाए गए भारतीयों को बचाने एवं वापस लाने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इन भारतीयों से जबरन अवैध कार्य कराए जा रहे हैं। 

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स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में कहा कि राज्य सरकार को करीब 50 तमिलों सहित करीब 300 भारतीयों के म्यांमा में फंसे होने की सूचना मिली है, जो बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जानकारी मिली है कि वे शुरुआत में निजी भर्ती एजेंसी के जरिये आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) क्षेत्र संबंधी नौकरी के लिए थाईलैंड गए थे। अब समझा जाता है कि गैरकानूनी ऑनलाइन नौकरी कराने के लिए उन्हें जबरन थाईलैंड से म्यांमा लाया गया है। काम करने से इनकार करने पर नियोक्ताओं द्वारा उनके साथ मारपीट की जा रही है।’’ स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे 17 तमिलों के संपर्क में है जो ‘‘जल्द उन्हें बचाने के लिए सरकार की मदद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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