आप ने लखीमपुर खीरी हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की

Lakhimpur violence
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी किसानों को पहियों के नीचे कुचलना हिंसक और अन्यायपूर्ण है। घटना में किसान भाइयों के मारे जाने की खबर आ रही है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। दुख की इस घड़ी में मैं किसान भाइयों के साथ हूं।’’

 आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा की घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।

वहां किसानों के एक समूह को दो स्पोर्टस यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी)ने कथित तौर पर कुचल दिया और जिसके चलते हुई हिंसा में आठ लोगों की जान चली गई।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मांग की कि ‘‘इस तरह के जघन्य अपराध’’ के अपराधियों को ‘‘कड़ी सजा’’ दी जाए। आप सांसद संजय सिंह ने भी मांग की कि ‘‘हत्यारों’’ को ‘‘कड़ी सजा’’ दी जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘‘तीन नये कृषि कानूनों’’ को वापस लेने का आग्रह किया, जिसके खिलाफ किसान पिछले 10 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सिंह ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कुछ दिन पहले, (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री) अजय कुमार मिश्रा ने एक बयान में कहा था कि वह दो मिनट में विरोध करने वाले किसानों को सही रास्ते पर ला देंगे।

आज, मेरे पास आने वाली खबरों के अनुसार, उनके बेटे ने तीन किसानों को अपने वाहन के पहियों के नीचे कुचल कर मार डाला है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘यह घटना अंग्रेजों के भारत की नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी के भारत की है, आजादी के 75 साल बाद योगी आदित्यनाथ का भारत है, जहां भाजपा सत्ता में है।’’

हालांकि, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने इस आरोप का खंडन किया कि उनके बेटे आशीष मिश्रा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना में शामिल थे, जिसमें किसानों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं और एक चालक को वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों में मौजूद ‘‘कुछ तत्वों’’ द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया।

मंत्री ने पीटीआई-से यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पहले भाजपा कार्यकर्ताओं के वाहनों पर पथराव किया, जिससे वाहन चालक ने वाहन पर अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।

आप नेता ने कहा, ‘‘मैं अपील करता हूं कि मोदी जी तीन काले कानूनों को वापस लें और सुनिश्चित करें कि आज की घटना में किसानों के हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए और कड़ी सजा दी जाए। उस घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए जिसमें तीन किसान मारे गए।’’

उन्होंने घटना में घायल हुए किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘प्रदर्शनकारी किसानों को पहियों के नीचे कुचलना हिंसक और अन्यायपूर्ण है। घटना में किसान भाइयों के मारे जाने की खबर आ रही है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। दुख की इस घड़ी में मैं किसान भाइयों के साथ हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’’ वहीं आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लखीमपुर में किसानों की हत्या की खबर बेहद दुखद और हृदय विदारक है।

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उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘देश के अन्नदाता के हत्यारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों।

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