AAP ने BJP की Nasha Mukt Punjab Yatra पर दागे सवाल, 10 साल के शासन का मांगा हिसाब

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की प्रस्तावित नशा मुक्त पंजाब यात्रा पर पलटवार करते हुए उसके 2007 से 2017 के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। आप प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने ईडी जांच में रुकावट और सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स तस्करी को लेकर केंद्र और बीएसएफ की भूमिका पर जवाब मांगा है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP की प्रस्तावित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को लेकर उस पर हमले तेज़ कर दिए हैं। पार्टी ने 2007 से 2017 के बीच राज्य सरकार का हिस्सा रहने के दौरान ड्रग्स से निपटने में BJP के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज और 'नशा मुक्ति मोर्चा' के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि BJP को यह बताना चाहिए कि पंजाब सरकार में सहयोगी के तौर पर अपने दस साल के कार्यकाल के दौरान उसने क्या कदम उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान ड्रग्स की समस्या, खासकर 'चिट्टा' का प्रसार, एक बड़ी चिंता का विषय बन गया था।
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पन्नू ने ड्रग नेटवर्क की जांच में बीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारी निरंजन सिंह की अगुवाई में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का ज़िक्र करते हुए पूछा कि जांच कथित तौर पर क्यों रोकी गई और जब जांच में नाम सामने आ रहे थे, तो सिंह का तबादला क्यों किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से 2017 के बीच केंद्र में बीजेपी सत्ता में थी। पन्नू ने पंजाब पर बीजेपी के चुनिंदा फ़ोकस की भी आलोचना की। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब केंद्र सरकार ने अपने 'ड्रग-फ़्री इंडिया' रोडमैप के तहत पूरे भारत में 73 ज़िलों को 'अति-संवेदनशील' (ultra-sensitive) घोषित किया, जिनमें पंजाब के छह ज़िले भी शामिल हैं। ये छह ज़िले अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फ़ाज़िल्का, फ़िरोज़पुर और लुधियाना हैं।
उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी अपना कैंपेन सिर्फ़ पंजाब पर ही क्यों केंद्रित कर रही है, जबकि ड्रग्स से जुड़ी चिंताएं दूसरे राज्यों में भी मौजूद हैं। पन्नू ने सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदनशील ज़िलों पर चर्चा हो रही है, उनमें कई सीमावर्ती ज़िले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) को यह बताना चाहिए कि पंजाब में ड्रग्स की एंट्री रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।
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ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब राज्य में ड्रग्स की समस्या की ज़िम्मेदारी को लेकर BJP और AAP के बीच राजनीतिक खींचतान चल रही है। BJP अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू करने वाली है और इस कैंपेन के तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया जाएगा। पन्नू ने कहा कि 2022 में सत्ता में आई भगवंत मान सरकार ने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान शुरू किया और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमा पार तस्करी से निपटने के लिए BSF के साथ भी काम कर रही है और अपनी कोशिशों के तहत एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए हैं।
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