Lashkar का खतरनाक नेटवर्क बेनकाब, 19 जगह छापे पड़ने के बाद फरार आतंकी Abdullah Abu Hureira समेत कई गिरफ्तार

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Prabhasakshi

जांच एजेंसियों को इस कार्रवाई में एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो लंबे समय से आतंकी गतिविधियों को रसद और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा था। यह नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था और आतंकियों को छिपने, खाने और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पकड़े गए लोगों में अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा भी शामिल है, जो पिछले सोलह वर्षों से फरार चल रहा था और इस दौरान उसने जम्मू-कश्मीर के बाहर भी अपने ठिकाने स्थापित कर लिए थे।

अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में एक अन्य आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब को भी गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से अंजाम दी गई, जिससे इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचना संभव हो सका। जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा सहित कुल 19 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्री और महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए हैं।

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जांच एजेंसियों को इस कार्रवाई में एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो लंबे समय से आतंकी गतिविधियों को रसद और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा था। यह नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था और आतंकियों को छिपने, खाने और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करता था। इस मामले में गिरफ्तार पांच लोगों में से तीन श्रीनगर के निवासी हैं, जिनकी पहचान मोहम्मद नकीब भट, आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा के रूप में हुई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने आतंकियों को शरण देने के साथ-साथ उन्हें भोजन और अन्य सहायता उपलब्ध कराई।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि जांच के दौरान यह संकेत मिले हैं कि एक विदेशी आतंकी जाली दस्तावेज और फर्जी पहचान के सहारे देश से बाहर जाने में सफल रहा। इस काम में उसे अन्य राज्यों में सक्रिय लश्कर नेटवर्क की मदद मिली थी। यह तथ्य इस बात को दर्शाता है कि यह आतंकी तंत्र केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था बल्कि देश के अलग अलग हिस्सों में इसकी जड़ें फैली हुई थीं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये आतंकी करीब सोलह वर्ष पहले भारत में घुसपैठ करके आए थे और तब से कश्मीर घाटी के विभिन्न जिलों में सक्रिय थे। इस दौरान उन्होंने लगभग चालीस विदेशी आतंकियों को संचालित और निर्देशित किया। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में इनमें से अधिकांश आतंकियों को मार गिराया जा चुका है, लेकिन इस नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा अब जाकर संभव हो पाया है।

इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी संगठन लगातार नए तरीकों से अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वित प्रयासों के कारण ऐसे नेटवर्क को समय-समय पर ध्वस्त किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े आतंकी तंत्र को नुकसान पहुंचा है बल्कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ेगा।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और उनकी गतिविधियां किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं। बहरहाल, इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि सुरक्षा बल हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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