अभिनेता Imran Khan को देश छोड़ने का नोटिस, Bombay High Court में देंगे चुनौती

अभिनेता Imran Khan को देश छोड़ने का नोटिस, Bombay High Court में देंगे चुनौती
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर अमेरिकी नागरिक और अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय द्वारा विदेशी अधिनियम के उल्लंघन का हवाला देने के बाद उन्होंने अदालत जाने का फैसला किया है। इस कार्रवाई पर महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाडी ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के कारण अमेरिकी नागरिक और बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश संबंधी मुंबई पुलिस के नोटिस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। अभिनेता ने बंबई उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया है, जबकि विपक्षी दलों ने पुलिस के कदम को ‘तानाशाहीपूर्ण’ करार दिया है। ‘आई हेट लव स्टोरीज’ (2010) और ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ (2011) सहित कई बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय कर चुके खान के पास ‘ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड है।

उन्हें आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के कथित उल्लंघन के आरोप में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) ने नोटिस जारी किया है। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भांजे इमरान खान ने 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था जहां प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान खान को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 43 वर्षीय अभिनेता को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश देने वाला औपचारिक नोटिस दिया गया है और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इमरान खान के पास विदेशी नागरिकता है और वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। विदेशी/आव्रजन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत विदेशी नागरिकों को भारतीय भूमि पर राजनीतिक प्रदर्शनों या राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है।’’ पिछले सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शन के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें अभिनेता को पुलिस वाहन तक ले जाते समय एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए देखा जा सकता है।

पत्रकार ने उनसे प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में पूछा था। उन्होंने कहा था, ‘‘मेरी कोई मांग नहीं है। मैं किसी संगठन का हिस्सा नहीं हूं।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस से इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि खान ने ‘विदेशी नागरिक’ होने के बावजूद यहां कॉजपा (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थन में हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सोमैया ने यह भी स्पष्ट करने की मांग की थी कि क्या अभिनेता इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल हो सकते हैं। भाजपा नेता ने बृहस्पतिवार को अभिनेता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया और मांग की कि इसी तरह की गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों को भी देश से निर्वासित किया जाए।

इस बीच, अभिनेता नोटिस को चुनौती देने के लिए शुक्रवार या सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। प्रस्तावित याचिका के मसौदे के अनुसार, कानून या किसी नियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो ओसीआई कार्डधारक को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने से रोकता हो। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने केंद्र पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। पटोले ने केंद्र सरकार पर ‘तानाशाही’ रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों की स्वतंत्रता छीनी जा रही है। वहीं, शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने कहा कि सरकार डरी हुई है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि खान ने कोई अपराध नहीं किया, बल्कि केवल विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। महाराष्ट्र में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा हैं। शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने कहा, ‘‘यदि एसआईआर के खिलाफ हुए प्रदर्शन में युवाओं के साथ शामिल होने के कारण इमरान खान को देश छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, तो इससे पता चलता है कि सरकार डरी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के कई सितारे अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) और विदेशी नागरिक हैं।

राउत ने पूछा कि सरकार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से देश छोड़ने के लिए क्यों नहीं कहती। हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत में निर्वासन में रह रही हैं। नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पटोले ने कहा कि इमरान खान के खिलाफ की गई कार्रवाई तानाशाही वाले शासन का उदाहरण है।

उन्होंने कहा, ‘‘केवल अभिनेता इमरान खान ही नहीं, बल्कि देश में जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे सरकार में बैठे लोग देशद्रोही करार देते हैं।’’ पटोले ने सवाल किया, ‘‘लेकिन देशद्रोही कौन है? मेरा आरोप है कि एसआईआर की आड़ में इस देश के करोड़ों नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। लोगों की स्वतंत्रता छीनी जा रही है।

संविधान का सम्मान नहीं करने वाले लोग संवैधानिक पदों पर बैठे हैं... क्या हमें ऐसे लोगों को देशद्रोही नहीं कहना चाहिए?’’ पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘आजकल प्रदर्शन करने के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं। अगर आप अपनी राय व्यक्त करना चाहते हैं, तो आपको पैसे देने होंगे। यह तानाशाही है।

अगर स्वतंत्र भारत में आपको अपनी बात कहने का अधिकार नहीं है, तो नरेन्द्र मोदी सरकार तानाशाही चला रही है।’’ खान का समर्थन करते हुए सुले ने कहा, ‘‘हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। अब कोई कहेगा कि उनके (खान के) पास विदेशी पासपोर्ट है। मेरे कई दोस्त विदेश में रहते हैं।

वे भी प्रदर्शन करते हैं।’’ बारामती की सांसद ने कहा, ‘‘उन्हें (खान को) भारत छोड़ने के लिए कहा जा रहा है... उन्होंने कौन-सा अपराध किया है? कई राज्यों में ऐसे लोग मुख्यमंत्री हैं, जिन पर बलात्कार और हत्या के आरोप हैं। एक बड़े राज्य के मुख्यमंत्री पर हत्या के आरोप हैं, फिर भी वह मुख्यमंत्री बने हुए हैं।

उन्होंने (खान ने) तो सिर्फ प्रदर्शन किया है।’’ इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्र सरकार के आव्रजन अधिकारियों, विमानपत्तन प्राधिकरण और मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा नेता सोमैया ने कहा, ‘‘भारत में हजारों इमरान खान हैं। वे यहां रहना चाहते हैं और देश को बदनाम करना चाहते हैं।’’

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