कैप्टन की विदाई के बाद बढ़ सकती है राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हलचल, गहलोत और बघेल की बढ़ेगी टेंशन

कैप्टन की विदाई के बाद बढ़ सकती है राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हलचल, गहलोत और बघेल की बढ़ेगी टेंशन

सूत्र यह दावा कर रहे हैं कि आलाकमान की ओर से अमरिंदर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। पंजाब में कांग्रेस के बीच की अंदरूनी लड़ाई की वजह से आलाकमान की खूब किरकिरी हो रही थी। लेकिन पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी हलचल बढ़ सकती है।

पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही कई दिनों से पंजाब में चली आ रही कलह खत्म होने की बात कही जा रहा है। पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच महीनों से मतभेद चली आ रही थी जिसकी वजह से पंजाब कांग्रेस में भी अस्थिरता का माहौल था। पंजाब को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा फैसला लिया। सूत्र यह दावा कर रहे हैं कि आलाकमान की ओर से अमरिंदर को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। पंजाब में कांग्रेस के बीच की अंदरूनी लड़ाई की वजह से आलाकमान की खूब किरकिरी हो रही थी। लेकिन पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी हलचल बढ़ सकती है। 

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में भी सत्ता को लेकर पार्टी के बड़े नेताओं में मतभेद है। भूपेश बघेल फिलहाल वहां के मुख्यमंत्री हैं। परंतु टीएस सिंह देव भी सीएम पद पर अब दावा ठोक रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि जब बघेल को छत्तीसगढ़ की कमान सौंपी गई थी तब ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय किया गया था। यही कारण है कि टीएस सिंह देव अब आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ में भी पार्टी के अंदर अस्थिरता का माहौल है। पिछले महीने भूपेश बघेल से आलाकमान ने मुलाकात की थी। भूपेश बघेल की ओर से प्रदेश में सब कुछ ठीक-ठाक होने का दावा किया जा रहा था। हालांकि अब कहा जा रहा है कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। इसके बाद वह सभी विधायकों और स्थानीय स्तर के नेताओं से मिलेंगे और उनकी इस पर राय लेंगे। राहुल के इस दौरे के बाद छत्तीसगढ़ को लेकर कांग्रेस बड़ा फैसला कर सकती है। 

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राजस्थान में गहलोत बनाम पायलट

राजस्थान में कांग्रेस के लिए चुनौतियां खत्म नहीं हो रही है। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच का विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है। 1 साल से ज्यादा का वक्त हो गया लेकिन अब भी सचिन पायलट खेमा अशोक गहलोत से नाराज बताया जा रहा है। सचिन पायलट कांग्रेस आलाकमान से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। लेकिन अशोक गहलोत पायलट समर्थकों को अपने साथ जोड़ने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह हो गई कि दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक बयान देना शुरू कर दिया। अजय माकन और केसी वेणुगोपाल लगातार राजस्थान मसले को सुलझाते हुए नजर आज जरूर रहे हैं लेकिन मामला धीरे-धीरे हाथ से निकलता जा रहा है। 

 

 





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