अन्नाद्रमुक का भाजपा को स्पष्ट संदेश, तमिलनाडु में हम बड़े भाई, नहीं तो चुनावी विकल्पों पर करे पुनर्विचार

अन्नाद्रमुक का भाजपा को स्पष्ट संदेश, तमिलनाडु में हम बड़े भाई, नहीं तो चुनावी विकल्पों पर करे पुनर्विचार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सभा को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और उप समन्वयक केपी मुनुसामी ने अपने सहयोगी भाजपा को स्पष्ट कर दिया कि हमारे मुख्यमंत्री पलानीस्वामी आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम उम्मीदवार होंगे।

चेन्नई। सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने रविवार को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी कैंपेन की शुरुआत कर दी है। इस दौरान अन्नाद्रमुक ने भारतीय जनता पार्टी को एक स्पष्ट संदेश भी दिया है। पार्टी का कहना है कि के पलानीस्वामी मुख्यमंत्री पद के लिए हमारे उम्मीदवार होंगे। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि हम चुनाव जीतते हैं तो हम किसी के साथ सत्ता साझा नहीं करेंगे। 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सभा को संबोधित करते हुए अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और उप समन्वयक केपी मुनुसामी ने अपने सहयोगी भाजपा को स्पष्ट कर दिया कि हमारे मुख्यमंत्री पलानीस्वामी आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम उम्मीदवार होंगे। अन्नाद्रमुक किसी के साथ सत्ता साझा नहीं करेगा। कोई भी राष्ट्रीय पार्टी या एक क्षेत्रीय पार्टी हमसे हाथ मिलाना चाहता है तो उसे इन शर्तों को मानना होगा वर्ना वह अपने चुनावी विकल्पों पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

ओ पनीरसेल्वम ने जताया था जीत का भरोसा

कुछ वक्त पहले समन्वयक ओ पनीरसेल्वम ने एक सरकारी समारोह में घोषणा की थी कि भाजपा के साथ उसका गठबंधन 2021 विधानसभा चुनावों के लिये भी बरकरार रहेगा और भरोसा जताया कि वह अगले साल लगातार तीसरी बार चुनाव जीतेगी। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह भी मौजूद थे लेकिन अब पार्टी के दूसरे नेता ने साफ शब्दों में अन्नाद्रमुक को बड़ा भाई बताया है और शर्ते मानने की हिदायद भी दी है। 

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चुनावी कैंपेन की शुरुआत के मौके पर अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ओ पनीरसेल्वम और के पलानीस्वामी ने भाजपा के साथ गठबंधन के विषय या फिर संभावित सहयोगियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा। बल्कि दोनों नेताओं ने द्रमुक और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन पर जमकर निशाना साधा।

इस दौरान पनीरसेल्वम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को हर घर तक पहुंचने और अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने को कहा। चुनाव अभियान की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें एक इकाई के रूप में काम करना होगा। लोगों के पास हमारी सरकार के बारे में कहने के लिए केवल अच्छी चीजें हैं। हमारे बारे में सकारात्मक धारणा को वोट में बदलने के लिए कड़ी मेहनत करें।

ऐसे थे 2016 के नतीजे

साल 2016 में 234 सीटों वाली विधानसभा में अन्नाद्रमुक के सबसे ज्यादा 136, द्रमुक के 89, कांग्रेस के 8, आईयूएमएल का एक विधायक था। हालिया दृश्यों को देखने के बाद यह कहना मुश्किल हो रहा है कि भाजपा अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन में रहेगी या फिर उनकी सभी शर्तों को मानेगी।





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