'तुम 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो...' भड़काऊ भाषण मामले में बरी हुए अकबरुद्दीन ओवैसी

Akbaruddin Owaisi
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अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने को लेकर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे। हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और बुधवार को फैसला सुनाने की तारीख तय की। पर्याप्त सबूत नहीं होने की वजह से कोर्ट ने ओवैसी को बरी कर दिया।

नयी दिल्ली। भड़काऊ भाषणों के चलते सुर्खियों में रहने वाले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने अकबरुद्दीन ओवैसी को भड़काऊ भाषण से जुड़े दो मामलों में बरी कर दिया है। 

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अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने को लेकर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे। हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और बुधवार को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।

पर्याप्त सबूत नहीं होने की वजह से स्पेशल कोर्ट ने अकबरुद्दीन ओवैसी को बरी कर दिया। इसके साथ ही स्पेशल कोर्ट ने अकबरुद्दीन ओवैसी को हिदायत दी की वह कोई भी विवादित बयान न दें।

अकबरुद्दीन के खिलाफ दर्ज हुए थे दो मामले

अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ साल 2012 में निजामाबाद और निरमल में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज हुआ था। अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामल दर्ज किया गया था। अकबरुद्दीन ओवैसी पर सार्वजनिक भाषण में किसी विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।

अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने निजामाबाद मामले की जांच की थी और साल 2016 में आरोप पत्र दायर किया था। वहीं निर्मल टाउन मामले की जांच जिला पुलिस ने की थी और उसी साल आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। निजामाबाद मामले में कुल 41 गवाहों, जबकि निर्मल टाउन मामले में 33 लोगों से पूछताछ की गई थी। 

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साल 2012 में अकबरुद्दीन ओवैसी का भड़काऊ भाषण देते हुए एक वीडियो सामने आया था। जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि हम 25 करोड़ हैं और तुम 100 करोड़... ठीक है तुम तो हमसे इतने ज्यादा हो, 15 मिनट के लिए पुलिस को हटा लो हम बता देंगे कि कौन ताकतवर है।

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