Chandrashekhar Azad टिप्पणी केस, Ajeet Bharti की जमानत पर Delhi High Court का फैसला सुरक्षित

Delhi HC
ANI
अभिनय आकाश । Sep 18 2026 4:10PM

दिल्ली हाई कोर्ट ने सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और बी.आर. अंबेडकर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े एससी/एसटी एक्ट मामले में यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने भारती की भाषा पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें टिप्पणी करते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में कथित टिप्पणियों को लेकर SC/ST एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान, जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि भारती को कथित टिप्पणियाँ करते समय ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी, खासकर तब जब मामला किसी विशेष क़ानून के प्रावधानों से जुड़ा हो। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से यह भी पूछा कि भारती को कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया और क्या उनसे हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत है। पुलिस के वकील ने कहा कि जांच अधिकारी को भारती का पता सिर्फ़ दो दिन पहले ही मिला था, इसलिए उससे पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा जा सका। कोर्ट ने कथित टिप्पणियों के ट्रांसक्रिप्ट में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस्तेमाल की गई भाषा अपमानजनक थी। 

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भारती की ओर से पेश वकील जय अनंत देहादराई ने दलील दी कि इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत अपराध के तत्व नहीं बनते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ़ गाली-गलौज वाला बयान देना ही इस एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। देहादराई ने यह भी कहा कि भारती जातिगत भेदभाव के खिलाफ़ हैं और उन्होंने आरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि वे सिर्फ़ उस हिस्से पर ध्यान न दें जिसमें कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं, बल्कि पूरे वीडियो के संदर्भ पर विचार करें। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस चरण पर उसे केवल यह देखना है कि क्या प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है। 

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कोर्ट ने यह भी कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद या दूसरों की जिन टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी, वे एक अलग मामला हैं। कोर्ट ने कहा कि उसका ध्यान भारती के कथित बयानों और उन हालात पर है जिनमें वे बयान दिए गए थे। आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) के दिल्ली राज्य अध्यक्ष बालकराम बौद्ध की शिकायत पर 23 अगस्त को नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। यह शिकायत भारती के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से जुड़ी है। शिकायत के अनुसार, भारती ने चंद्रशेखर आज़ाद और बी.आर. अंबेडकर के बारे में कथित तौर पर जाति-आधारित और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, साथ ही अन्य आपत्तिजनक बयान भी दिए। भारती ने इन आरोपों को गलत बताया है और अपने वकील के ज़रिए कहा है कि उनकी टिप्पणियों को उन बयानों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए जो कथित तौर पर उनकी मां और बहन के बारे में पहले किए गए थे।
 

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