नाराजगी का स्तर बढ़ा, बस 2020 तक रहेगा AAP और अलका लांबा का साथ

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: May 26 2019 10:27AM
नाराजगी का स्तर बढ़ा, बस 2020 तक रहेगा AAP और अलका लांबा का साथ
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पांडे ने हालांकि इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया। केजरीवाल पर भड़कते हुए लांबा ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो बंद कमरे में तमाम फैसले लेते हैं।

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी से नाराज चल रहीं चांदनी चौकी की उसकी विधायक अलका लांबा ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें पार्टी विधायकों के व्हाट्सऐप ग्रुप से एक बार फिर हटा दिया गया है। इस व्हाट्सऐप ग्रुप में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं। लांबा ने दावा किया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पांचवे कार्यकाल के लिये मिली जीत पर उन्हें बधाई देने की वजह से उन्हें (लांबा को) व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया।
 
 


इस कड़ी में रविवार सुबह उन्होंने कई ट्वीट किए हैं, लेकिन एक बेहद भावुक ट्वीट किया है और उससे लगता है वह पार्टी छोड़ने के मूड़ में हैं। AAP विधायक का ट्वीट है- '2013 में आप के साथ शुरू हुआ मेरा सफ़र 2020 में समाप्त हो जायेगा। मेरी शुभकामनाएं पार्टी के समर्पित क्रांतिकारी ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा रहेगीं, आशा करती हूं आप दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बने रहेगें। आप के साथ पिछले 6साल यादगार रहगें- आप से बहुत कुछ सीखने को मिला। आभार।'


उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम आप नेतृत्व के लिये ठीक नहीं है। व्हाट्सऐप ग्रुप का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर साझा करते हुए उन्होंने केजरीवाल की निंदा की और पूछा कि आखिर उन्हें ही क्यों लोकसभा चुनावों में मिली पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।इस स्क्रीनशॉट में यह साफ दिख रहा है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली से आप के उम्मीदवार रहे दिलीप पांडे ने उन्हें हटाया है। पांडे ने हालांकि इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया। केजरीवाल पर भड़कते हुए लांबा ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो बंद कमरे में तमाम फैसले लेते हैं।
 
 
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘गुस्सा मुझ पर कुछ यूं निकाला जा रहा है, अकेली मैं ही क्यों? मैं तो पहले दिन से ही यही सब कह रही थी जो आज हार के बाद आप (केजरीवाल) कह रहे हैं, कभी ग्रुप में जोड़ते हो,कभी निकालते हो,बेहतर होता इससे ऊपर उठकर कुछ सोचते, बुलाते,बात करते,गलतियों और कमियों पर चर्चा करते,सुधार कर के आगे बढ़ते।’’ यह दूसरी बार है जब लांबा को ग्रुप से हटाया गया है। इससे पहले उन्हें पिछले साल दिसंबर में ग्रुप से हटाया गया था जब उन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न सम्मान को रद्द करने के पार्टी के प्रस्ताव पर आपत्ति जतायी थी। हालांकि लोकसभा चुनाव प्रचार से पहले उन्हें ग्रुप में शामिल कर लिया गया था।

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