अमित शाह बोले- राज्यों के सहकारिता कानूनों में एकरूपता लाने के लिए प्रयासरत है केंद्र

अमित शाह ने सहकारिता नीति पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारी समितियों को मौजूदा दौर की चुनौतियों के हिसाब से बनाए जाने की जरूरत है और अगले आठ-नौ महीनों में सहकारिता नीति तैयार हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में कई तरह के सुधारों की जरूरत है जिनके बारे में सहकारिता मंत्रालय के पोर्टल पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। इस मौके पर सहकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा, सचिव डी के सिंह, राष्ट्रीय सहकारी समिति विकास निगम (एनसीडीसी) के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार नायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। केंद्र सरकार ने पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने के लिए एक नई सहकारिता नीति लेकर आएगी।देश के विकास में सहकारिता का बहुत योगदान है। यह हमारा मज़बूत बुनियाद है जिस पर बड़ी इमारत बनानी है और बाधाओं को नए प्रावधान बनाकर हटाना है। यह तभी होगा जब इस पर सरकारी नीतियां बने:2 दिवसीय सहकारिता नीति के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह, दिल्ली pic.twitter.com/uJHvRYPVUY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2022
इसे भी पढ़ें: दिल्ली दौरे पर योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ राष्ट्रपति और पीएम मोदी से की मुलाकात
यह राष्ट्रीय सम्मेलन इस प्रस्तावित नीति पर केंद्र एवं राज्यों की सरकारों के अलावा अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के लिए ही आयोजित किया गया है। सम्मेलन में सहकारी समितियों के मौजूदा कानूनी ढांचे, नियामकीय नीतियों की पहचान, कामकाज में आने वाली बाधाओं, समितियों को सक्रिय आर्थिक इकाई बनाने और नई समितियों के प्रोत्साहन एवं निष्क्रिय हो चुकी समितियों में नई जान फूंकने से जुड़े मसलों पर चर्चा होगी।
अन्य न्यूज़














