'सेना का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर है बहुत स्ट्रांग', जेपी नड्डा बोले- PAK को उसी की भाषा में दिया गया जवाब

JP Nadda
Twitter
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार के 8 वर्षों में 36 राफेल फाइटर जेट भारतीय सेना में शामिल हुए हैं। 28 अपाचे हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक हेलीकॉप्टर, एयर मिसाइल, 145 अल्ट्रा लाइट होवित्जर्स, 100 वज्र आर्टिलरी गन, 1.83 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट भारतीय सेना को आधुनिक और मजबूत बना रही हैं।

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम आज 23वां कारगिल विजय दिवस समारोह मना रहे हैं। करीब 60 दिन से ज्यादा कारगिल की लड़ाई लड़ी गई थी। 527 हमारे वीर जवान लड़ाई में शहीद हुए थे। लड़ाई में करीब 2 लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया था। पाकिस्तान को सरहदों पर घेरते हुए हमने इस लड़ाई में विजय प्राप्त की।

इसे भी पढ़ें: अपने आप में कई राज छुपाए हुए है कारगिल युद्ध, जानें मुशर्रफ के LoC पार करने से लेकर परमाणु हमले की तैयारी तक की पूरी कहानी 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना का हार्डवेयर भी बड़ा स्ट्रांग है और सॉफ्टवेयर भी बहुत स्ट्रांग है। हम वीरता में भी कम नहीं हैं और स्किल्स में भी कम नहीं हैं। भारतीय सेना की स्ट्रेंथ का मुकाबला कोई नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 8 वर्षों में 36 राफेल फाइटर जेट भारतीय सेना में शामिल हुए हैं। 28 अपाचे हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक हेलीकॉप्टर, एयर मिसाइल, 145 अल्ट्रा लाइट होवित्जर्स, 100 वज्र आर्टिलरी गन, 1.83 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट भारतीय सेना को आधुनिक और मजबूत बना रही हैं।

पाक को उसी की भाषा में दिया गया जवाब

उन्होंने कहा कि उरी की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अब भारत चुप नहीं बैठेगा। उसके कुछ ही दिन बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई और पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया गया। लेकिन कुछ लोगों ने सेना से इसका भी सर्टिफिकेट मांगा था। आपको बता दें कि भारतीय सेना ने सीमापार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 28-29 सितंबर 2016 की दरमियानी रात को आतंकवादियों के लॉन्च पैड को नेस्तनाबूत किया था।

इसे भी पढ़ें: करगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह ने शहीदों को किया नमन, ट्वीट में लिखी ये बात 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नेशनल वॉर मेमोरियल बनाने की बात 1960 में शुरु हुई थी। वर्षों बाद 2006 में यूपीए सरकार ने इस पर कमेटी बनाई। लेकिन 2014 तक ये इसका डिजायन तक नहीं बना पाए। 2014 में मोदी सरकार ने फिर से इस पर काम शुरु किया। 2019 में दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल बनकर तैयार हुआ।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़