असम में बाढ़ को मानवजनित आपदा बताते हुए कांग्रेस ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा

असम कांग्रेस ने राज्य के पूर्वी जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। पार्टी ने बाढ़ को मानवजनित आपदा करार दिया है और आरोप लगाया कि न्यायिक निर्देशों के उल्लंघन से यह स्थिति पैदा हुई है। इससे शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट सहित कई जिले प्रभावित हुए हैं।
गुवाहाटी, 29 जुलाई कांग्रेस की असम इकाई ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य के पूर्वी जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ से उत्पन्न हालात सरकार द्वारा अदालत की ओर से जारी न्यायिक निर्देशों का लगातार उल्लंघन किए जाने का नतीजा हैं। पार्टी ने इस संबंध में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर दखल देने का अनुरोध किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि यह बाढ़ ‘‘मानवजनित आपदा है।’’ असम में बाढ़ से अब तक 78 लोगों की मौत हुई है और सात जिलों में 3,00,031 से अधिक लोग प्रभावित हैं।
विपक्षी पार्टी के विधिक प्रकोष्ठ ने एक बयान में कहा कि पहले दायर की गई कई जनहित याचिकाओं और पुनर्विचार याचिका के आधार पर उच्च न्यायालय ने डिखो नदी घाटी की सुरक्षा, एक मास्टर प्लान बनाने और अवैध खनन रोकने के लिए कार्य बल की एक बटालियन तैनात करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। डिखो नदी ब्रह्मपुत्र की एक प्रमुख सहायक नदी है। यह नगालैंड से निकलती है और शिवसागर जिले से होते हुए असम में बहती है।
बयान में कहा गया है, ‘‘प्रशासनिक लापरवाही के कारण इन न्यायिक निर्देशों को कभी लागू नहीं किया गया। बिना नियम-कानून वाले मशीनी खनन ने नदियों की प्राकृतिक सुरक्षा-व्यवस्था को नष्ट कर दिया, जिससे शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में भीषण बाढ़ आई।
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