Assam में बाढ़ प्रभावित शिवसागर और चराइदेव के लोगों का एक साल का भूमि कर माफ

असम सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिलों के लोगों का एक वर्ष की अवधि तक भूमि कर माफ किया जायेगा। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह भी घोषणा की कि इन दोनों जिलों में 300 यूनिट से कम बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं का जुलाई का बिजली बिल भी माफ किया जाएगा।
गुवाहाटी, एक अगस्त असम सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिलों के लोगों का एक वर्ष की अवधि तक भूमि कर माफ किया जायेगा। ये दोनों जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। राज्य में बाढ़ के कारण अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘फेसबुक लाइव’ सत्र के दौरान इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह छूट एक अप्रैल से प्रभावी होगी। शर्मा ने कहा कि इन दोनों जिलों में 300 यूनिट से कम बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं का जुलाई का बिजली बिल भी माफ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की गई, जिसमें सरकार ने उनसे कहा कि वे बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के लोगों के बीमा दावों का त्वरित और बिना किसी परेशानी के निपटारा सुनिश्चित करें।
शर्मा ने कहा कि बीमा कंपनियों ने एक सरल प्रपत्र जारी करने और आवश्यक दस्तावेजों की संख्या को कम करने का वादा किया है ताकि इन चार जिलों के लोगों के बीमा दावों के निपटारे में आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही कंपनियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित जिलों में बीमा दावों का शीघ्र निपटारा करें। शर्मा ने कहा कि जीवन बीमा दावों का लाभ लेने के लिए कंपनियां मृतकों के नाम वाली सरकारी सूची को स्वीकार करेंगी और मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग नहीं करेंगी।
उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक होगा, वहां क्षतिग्रस्त मकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का वीडियो सर्वेक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से मकानों की मरम्मत के लिए 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता पाने वाले परिवारों के बारे में जानकारी साझा करते हुए शर्मा ने कहा कि शिवसागर में लगभग 55,000 परिवार, चराइदेव में 20,000, जोरहाट में 7,000 और गोलाघाट में 3,000 परिवार इस सहायता के लिए पात्र होंगे और यह राशि 3 से 5 अगस्त के बीच वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे परिवार भी हो सकते हैं जो अभी भी अपने मकानों को रहने योग्य स्थिति में नहीं ला पाए हों।
उनके लिए हम 10 अगस्त को अतिरिक्त 10,000 रुपये की सहायता प्रदान करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 से 2.5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
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