हिंसा की घटनाओं पर बोले संजय राऊत- चुनाव जीतने के लिए जानबूझकर किया जा रहा देश का माहौल खराब

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अंकित सिंह । Apr 17 2022 12:20PM

संजय राउत ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव जीतने के लिए जानबूझकर देश का माहौल खराब किया जा रहा है। अपने बयान में संजय रावत ने कहा कि देश का माहौल जानबूझकर चुनाव जीतने के लिए जिस तरह से खराब किया जा रहा है, मुझे लगता है यह देश के लिए ठीक नहीं है। दिल्ली में कल हनुमान जयंती और रामनवमी पर हमला हुआ था इससे पहले यह कभी नहीं हुआ करता था।

पहले राम नवमी और बाद में हनुमान जयंती के अवसर पर देश के कई हिस्सों में हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें आई। खरगौन, करौली और बाद में दिल्ली के जहांगीरपुरी में दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। हालांकि इस को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। इन सब के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। संजय राउत ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव जीतने के लिए जानबूझकर देश का माहौल खराब किया जा रहा है। अपने बयान में संजय रावत ने कहा कि देश का माहौल जानबूझकर चुनाव जीतने के लिए जिस तरह से खराब किया जा रहा है, मुझे लगता है यह देश के लिए ठीक नहीं है। दिल्ली में कल हनुमान जयंती और रामनवमी पर हमला हुआ था इससे पहले यह कभी नहीं हुआ करता था।

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ये हमले राजनीति से प्रायोजित है। आने वाले वक़्त में 4-5 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उसके लिए यह वोट मांगने का पूरा षड्यंत्र है। महाराष्ट्र में भी कल शांति को भंग करने की कोशिश हुई। हमने यह नहीं होने दिया है और आगे भी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं पूर्व-नियोजित और राजनीतिक रूप से प्रायोजित हैं। यह हिंदू-मुस्लिम दंगों को भड़काने के लिए किया जा रहा है क्योंकि हिंदू-पाक, सर्जिकल स्ट्राइक और राम मंदिर के मुद्दे काम नहीं करेंगे। संजय राउत ने कहा कि श्रीराम के नाम पर सांप्रदायिकता को भड़काना ‘भगवान राम के आदर्शों’ का अपमान है और भगवान राम भी मध्य प्रदेश के खरगोन की पूरी घटना को लेकर बेचैन होंगे। 

 

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विपक्ष के 13 नेताओं ने सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जतायी

विपक्ष के 13 नेताओं ने शनिवार को देश में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा और घृणापूर्ण भाषण संबंधी घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जतायी और लोगों से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। विपक्षी नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। संयुक्त बयान में 13 विपक्षी दलों ने कहा है कि वे ‘क्षुब्ध’ हैं कि भोजन, वेशभूषा, आस्था, त्योहारों और जैसे मुद्दों का इस्तेमाल सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा समाज का ध्रुवीकरण करने के लिये किया जा रहा है। यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडुके मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत 13 नेताओं द्वारा जारी किया गया है। 

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