Ram Mandir चंदे पर संग्राम: BJP बोली SIT पर भरोसा रखें, विपक्ष का पलटवार-'असली चेहरा बेनकाब'

SIT जांच चल रही है और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है। लोगों को इंतज़ार करना चाहिए और भरोसा रखना चाहिए। राज्य के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ANI से कहा कि पिछली सरकारों के उलट, मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार को छिपा नहीं रही है।
राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के मामले ने उत्तर प्रदेश में ज़बरदस्त राजनीतिक हलचल मचा दी है। विपक्ष ने सत्ताधारी बीजेपी पर तीखा हमला बोला है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की पारदर्शी जांच चल रही है। इस मामले पर ANI से बात करते हुए बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने SIT जांच के आदेश दिए हैं। SIT जांच चल रही है और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है। लोगों को इंतज़ार करना चाहिए और भरोसा रखना चाहिए। राज्य के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ANI से कहा कि पिछली सरकारों के उलट, मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार को छिपा नहीं रही है। निषाद ने ANI से कहा भ्रष्टाचार पहले भी होता था, लेकिन सब कुछ दबा दिया जाता था। [भ्रष्ट लोगों को] संरक्षण मिलता था। हालांकि, हमारे कार्यकाल में ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है और दोषियों को सज़ा दी जा रही है। जांच पर भरोसा रखना चाहिए। आरोपियों को बचाने और जनता को गुमराह करने वाले बयान देने के बजाय, भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा जब तक फाइल बंद नहीं हो जाती, जांच एक खास प्रक्रिया के तहत चलती है। बिना सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने पार्टी नेताओं को "नकली भक्त" करार दिया, जो सिर्फ चुनावी फायदे के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करते हैं। जैन ने दावा किया कि कांग्रेस का राम जन्मभूमि मुद्दे पर राजनीति करने का इतिहास रहा है, जो भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दौर से चला आ रहा है।
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जैन ने कहा, "जब राम लला प्रकट हुए, तो स्थानीय मुसलमानों ने लिखित बयान देकर कहा कि उन्हें बाबरी मस्जिद में कोई दिलचस्पी नहीं है - क्योंकि वहां 1935 से कोई नमाज़ नहीं पढ़ी गई थी - और उन्होंने इसे हिंदुओं को सौंपने का सुझाव दिया। फिर भी, जवाहरलाल नेहरू ने उनके रुख को नज़रअंदाज़ कर दिया। VHP नेता ने आगे आरोप लगाया कि उस समय की सरकार ने मामले को सुलझाने के बजाय उसे और उलझा दिया। मंदिर के निर्माण और फंड को लेकर कांग्रेस की हालिया आलोचनाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए जैन ने कहा कि पार्टी की भक्ति दिखावटी है।
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