नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, खराब सड़कों की अस्थाई मरम्मत में हुए भ्रष्टाचार की होगी जांच

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, खराब सड़कों की अस्थाई मरम्मत में हुए भ्रष्टाचार की होगी जांच

सड़कों के अस्थाई मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के मामले आए थे। इस साल बाढ़ की वजह से सड़के क्षतिग्रस्त हुए थे। सड़कों की मरम्मत की जांच रिपोर्ट तत्काल रुप से सभी अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं से मांगी गई है।

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त होते दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, बिहार में बाढ़ के दौरान कई सड़कें टूट गई थी। इन सड़कों का अस्थाई तौर पर मरम्मत किया गया था। हालांकि कई जगह मरम्मत करने के दौरान तय मानकों का पालन नहीं हुआ था। इसी को लेकर अब नीतीश कुमार की सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच का जिम्मा कार्यपालक अभियंताओं को दिया जा रहा है। हालांकि वे अधीनस्थ कार्य प्रमंडल में जांच नहीं कर सकेंगे। 

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सड़कों के अस्थाई मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के मामले आए थे। इस साल बाढ़ की वजह से सड़के क्षतिग्रस्त हुए थे। सड़कों की मरम्मत की जांच रिपोर्ट तत्काल रुप से सभी अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं से मांगी गई है। जानकारी के मुताबिक इस साल बिहार में बाढ़ की वजह से करीब 6000 से अधिक ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ गया था जिसके कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थी। 

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बाढ़ का पानी उतर जाने के बाद सरकार ने इन सड़कों के अस्थाई मरम्मत के आदेश दिए है। हालांकि मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत विभाग को लगातार मिल रही थी। सड़क एक बार फिर से टूटने लगे थे जिसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब शिकायत के बाद विभाग जग गया है और अस्थाई मरम्मत कार्यों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। 





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