Rajnath Singh Vietnam Visit | Hanoi में रक्षा मंत्री और वियतनाम समकक्ष के बीच द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

रक्षा मंत्री ने अपनी यात्रा को महत्वपूर्ण बताया क्योंकि यह दोनों देशों के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई, परिपक्वता और मज़बूती को दर्शाता है।
भारत और वियतनाम के बीच लगातार गहरे होते रणनीतिक संबंधों के बीच एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में वहां के रक्षा मंत्री फान वान जियांग के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की। वार्ता के दौरान भारत का रुख स्पष्ट करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत वियतनाम के साथ अपनी 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Enhanced Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कहते हैं, "यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारी रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। यह एक प्रमुख मील का पत्थर है जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है। हमें खुशी है कि भारत की आपकी हालिया यात्रा के दौरान, इस साझेदारी को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था। हमारी चर्चाएँ हमारे रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत करेंगी और आने वाले वर्षों में सहयोग के नए रास्ते खोलेंगी।"
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राजनाथ ने हो ची मिन्ह को एक दूरदर्शी नेता बताया
राजनाथ सिंह कहते हैं, "इतनी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के लिए वियतनाम में उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं विशेष रूप से सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। यह बैठक राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की जयंती के अवसर पर हो रही है; वे एक दूरदर्शी नेता थे जिनका भारत में भी बहुत सम्मान किया जाता है। 1988 में, दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों की नींव रखी गई थी..."
यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से वियतनाम में एयर फ़ोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में स्थापित एक 'भाषा प्रयोगशाला' (Language Lab) का उद्घाटन किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया। सिंह ने कहा, "मुझे खुशी है कि दोनों पक्षों ने AI और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक MoU का आदान-प्रदान भी किया, जो हमारी 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में एक और महत्वपूर्ण कदम है।"
रक्षा मंत्री ने अपनी यात्रा को महत्वपूर्ण बताया क्योंकि यह दोनों देशों के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई, परिपक्वता और मज़बूती को दर्शाता है। मुझे खुशी है कि भारत की आपकी हालिया यात्रा के दौरान, इसे अब 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया है।"
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सिंह ने आगे कहा, "मुझे विश्वास है कि आज हमारी चर्चा हमारे रक्षा सहयोग को और मज़बूत करेगी और आने वाले वर्षों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।" इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हनोई स्थित हो ची मिन्ह समाधि पर वियतनाम के राष्ट्रपिता हो ची मिन्ह को उनकी 136वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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