Trump की कुर्सी ने बताया किस देश पर होगा अगला हमला, भारत की तैयारी शुरू!

Trump
@WhiteHouse
अभिनय आकाश । May 19 2026 1:25PM

एक खास मकसद से डोनाल्ड ट्रंप को ऐसी कुर्सी दी गई जिस पर बैठने के बाद वह शी जिनपिंग से छोटे दिखे। इस तस्वीर ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि चीन ने शी जिनपिंग को डोनाल्ड ट्रंप से ऊपर दिखाते हुए यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में एक बड़ा संघर्ष हो सकता है और अमेरिका उस पर खामोश बैठा रहेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा अमेरिका के इतिहास की सबसे शर्मनाक हार बनकर निकली है। चीन ने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को उनकी औकात और हैसियत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। चीन ने डोनाल्ड ट्रंप को शी जिनपिंग के बगल में जिस कुर्सी पर बैठाया उस कुर्सी ने बता दिया है कि अगला हमला किस देश पर हो सकता है। शायद भारत भी इस बात को जानता है। इसीलिए विदेश यात्रा पर गए पीएम मोदी ने इस संभावित संघर्ष से पहले भारत को बचाने की एक बड़ी तैयारी कर ली है। भारत को एक जादुई चीज दिलवा दी है। वैसे आपको बता दें कि जिस देश पर संभावित हमला हो सकता है वो भारत का मित्र देश है।  ट्रंप की हाइट 6 फुट 3 इंच है। जबकि शी जिनपिंग की हाइट 5 फुट 11 इंच से नीचे है। लेकिन  तस्वीर में आपको शी जिनपिंग डॉनल्ड ट्रंप से ज्यादा लंबे नजर आएंगे। इसका कारण वो कुर्सी है जिस पर डोनाल्ड  ट्रंप बैठे हैं। एक खास मकसद से डोनाल्ड ट्रंप को ऐसी कुर्सी दी गई जिस पर बैठने के बाद वह शी जिनपिंग से छोटे दिखे। इस तस्वीर ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि चीन ने शी जिनपिंग को डोनाल्ड ट्रंप से ऊपर दिखाते हुए यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में एक बड़ा संघर्ष हो सकता है और अमेरिका उस पर खामोश बैठा रहेगा। 

इसे भी पढ़ें: Trump Major Announcement! सऊदी, कतर और UAE के कहने पर ईरान पर होने वाला 'महाहमला' टाला, परमाणु हथियार न बनाने की शर्त पर बातचीत जारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अमेरिका को साफ कर दिया है कि वह ताइवान पर कब्जा करके रहेगा। शायद अमेरिका ने यह बात मान भी ली है। इसीलिए दुनिया को दिखाया गया है कि ताइवान के मुद्दे पर अब चीन ऊपर है और अमेरिका नीचे। ताइवान पर हमले का मतलब है सेमीकंडक्टर्स चिप्स पर चीन का कब्जा। फिलहाल ताइवान ही दुनिया में सेमीकंडक्टर चिप्स के क्षेत्र में बादशाह है। यही कारण है कि चीन ताइवान पर कब्जा करना चाहता है। ऐसे में सबसे बड़ा खतरा भारत को हो सकता है। लेकिन ऐन मौके पर भारत ने भी बहुत बड़ा खेल कर दिया। सबसे पहले तो आप यह जान लीजिए कि जिसके पास सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने की टेक्नोलॉजी होगी वही दुनिया पर राज करेगा। क्योंकि इन चिप्स का इस्तेमाल स्मार्टफोनस, कंप्यूटरटर्स, टीवीज, स्मार्ट होम एप्लायंसेस, एi टेक्नोलॉजी, डिफेंस टेक्नोलॉजी, मेडिकल इंडस्ट्री हर जगह होता है। ऐसे में भारत ने समय पर खतरा भाप लिया और एक जादुई चीज हासिल कर ली। 

इसे भी पढ़ें: Middle East में शांति के लिए Tehran का बड़ा दांव, Pakistan के जरिए भेजा 14-Point Roadmap

अपनी नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने एक ऐसी डील पक्की कर ली है, जो सेमीकंडक्टर चिप्स के क्षेत्र में तहलका मचा देगी। भारत अब उस मशीन को हासिल करने वाला है जो मशीन सेमीकंडक्टर चिप्स बनाती है। यानी ताइवान की टीएसएमसी कंपनी दुनिया में 80% सेमीकंडक्टर चिप्स बनाती है। लेकिन टीएसएमसी जिस मशीन के इस्तेमाल से यह चिप्स बनाती है, वह मशीन दुनिया में सिर्फ एक ही कंपनी बनाती है और वह कंपनी नीदरलैंड्स की एएसएमएल है। चिप बनाने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया लिथोग्राफी है। यह टेक्नोलॉजी सिर्फ नीदरलैंड्स की एएसएमएल कंपनी के पास ही है और अब नीदरलैंड्स की एएसएमएल कंपनी ने भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ डील कर ली है। अब नीदरलैंड्स की एएसएमएल कंपनी भारत के गुजरात में स्थित धोलेरा सिटी में यह मशीन लगाएगी। यह मशीन कितनी एडवांस्ड है, उसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि हमारे बाल की चौड़ाई 8000 से 1 लाख नैन मीटर होती है। लेकिन एक एडवांस्ड सेमीकंडक्टर चिप 5 नैन मीटर चौड़ी ही होती है। सोचिए ऐसी चिप बनाने वाली बेशकीमती मशीन भारत को मिल रही है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़