भाजपा नेताओं का मुँह में राम और बगल में छुरी रखने वाला चाल,चरित्र और चेहरा हुआ उजागर- जीतू पटवारी

Jeetu Patwari
दिनेश शुक्ल । Mar 22, 2021 8:27PM
कृषि मंत्री कमल पटेल से बार-बार कहने पर कि वह गोडसे को मुर्दाबाद बोले, महात्मा गांधी के हत्यारे को मुर्दाबाद बोले लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। जीतू पटवारी ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या बीजेपी नेता मुँह में राम बगल में छुरी वाली रखकर चलते है
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे से इतना लगाव है कि वह गोडसे मुर्दाबाद पर साफ इंकार करते है। उन्होंने कहा कि सारी दुनियां जानती है कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी वह कोई संत महात्मा नहीं बल्कि एक हत्यारा है। लेकिन बीजेपी नेता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचार धारा पर चलते हुए उस महात्मा गांधी के हत्यारे को भगवान की तरह पूजते है न कि उसके खिलाफ बोलने से भी कतराते है। जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान नाथूराम गोडसे को मुर्दाबाद बोलने के प्रश्न पर कहा कि गोडसे को मुर्दाबाद क्यों बोलू मैं। क्या यही इन भाजपा के लोगों का चाल, चरित्र और चेहरा है जो दिखाने के लिए कुछ और तथा खाने के लिए कुछ और वाली कहावत को चरित्रार्थ करता है। 

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में 23 मार्च को संकल्प अभियान, मुख्यमंत्री चौहान ने की अपील

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि कृषि मंत्री कमल पटेल से बार-बार कहने पर कि वह गोडसे को मुर्दाबाद बोले, महात्मा गांधी के हत्यारे को मुर्दाबाद बोले लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। जीतू पटवारी ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या बीजेपी नेता मुँह में राम बगल में छुरी वाली रखकर चलते है और अपनी सुविधा अनुसार महात्मा गांधी जिन्दाबाद कहते हुए स्वच्छ भारत मिशन जैसे पावन काम में महात्मा गांधी के प्रतीकों का उपयोग करते है। कृषि मंत्री कमल पटेल महात्मा गांधी जिन्दाबाद तो कहते है लेकिन अपने आकाओं आरएसएस से डरते हुए गोडसे मुर्दाबाद कहने से डरते है। शायद उन्हें डर है कि कही सत्य बोलने से नाथूराम गोडसे को मुर्दाबाद बोलने से उनकी कुर्सी न छिन जाए।   

 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश बना गेहूँ प्रदेश, मुख्यमंत्री बनाम चुनौतियों पर विजय का साल

जीतू पटवारी ने कहा कि मैंने माननीय कमल पटेल से कई बार पूछा कि वह किस विचारधारा के है गांधी विचारधारा के है या गोडसे विचारधारा के तो वह महात्मा गांधी को जिन्दाबाद कहते है। लेकिन गोडसे को मुर्दाबाद कहने से डरते है। जीतू पटवारी ने कहा कि कृषि मंत्री कमल पटेल की तरह ही भाजपा के नेताओं का चाल,चरित्र और चेहरा दोहरे मापदंड का है, यह कहते कुछ है और करते कुछ है। जबकि महात्मा गांधी की विचारधारा को अपनाने वाले लोगों को शरण देने वाली कांग्रेस पार्टी पर यह लोग सवाल खड़े करते है। इन्हें सोचना चाहिए कि हमारी भारतीय परंपरा रही है कि जो हमारी शरण में आता है हम उन्हें संरक्षण देते है और अगर कोई गोडसे की विचारधारा को छोड़कर महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों पर चलने के लिए कांग्रेस पार्टी में आता है तो भाजपा नेताओं के पेट में दर्द होता है।   

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़