भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, गेंहू-खाद घोटाले पर किया मंत्री से सवाल

प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को मंदसौर और नीमच में ट्रांसपोर्टर द्वारा गेंहू तथा खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का मामला उठा गया। मामला मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने उठाया। उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार से सवाल पूछे हुए सरकार को घेरने की कोशिश की हालंकि सहकारिता मंत्री ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया से प्रश्न किया कि 02 दिसम्बर 2020 को मंदसौर-नीमच जिलों में ट्रांसपोर्टर व्यवसायी द्वारा गेहूं ऊपार्जन और खाद को सोसाइटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का प्रकरण विभाग के प्रकाश में आया है। क्या इसमें अनियमितता हुई है? उन्होंने आरोप लगाया कि वेयरहाउस में चौकीदार का बेटा ही ठेकेदार है जिसने यह हेराफेरी की है।

 

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जिसके जबाब में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने कहा कि इस मामले में चौकीदार की संलिप्तता भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और चौकीदार ने मिलकर 4 करोड़ 63 लाख की हेराफेरी की है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव सोसायटी को इस संबंध में सहकारिता आयुक्त ने एफआईआर करने के लिए 15 फरवरी को एक पत्र भेज दिया है। मंत्री भदौरिया ने बताया कि आरोपितों से वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। इनके खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की भी जानकारी की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर एक जांच दल गठित किया जाएगा। यदि सोसायटी के महाप्रबंधक इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनको हटाकर 3 माह में जांच की जाएगी।





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