Umar Khalid को BK Hariprasad ने बताया राष्ट्रवादी, ABVP के विरोध पर खड़े किए सवाल

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कर्नाटक कांग्रेस के नेता बी. के. हरिप्रसाद ने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद का समर्थन करते हुए उन्हें राष्ट्रवादी करार दिया है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एनएलएसआईयू में खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध करने वाली एबीवीपी पर भी निशाना साधा। इसके जवाब में छात्र संगठन एबीवीपी ने कांग्रेस पर बौद्धिक दिवालियापन और आतंकियों का महिमामंडन करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद को मंगलवार को एक राष्ट्रवादी बताया। हरिप्रसाद ने कहा कि खालिद पर बनी वृत्तचित्र फिल्म की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में स्क्रीनिंग का विरोध करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को जेल में बंद नेता के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। सितंबर 2020 में गिरफ्तार किए गए खालिद पर फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के ‘‘मुख्य साजिशकर्ताओं’’ में से एक होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘उमर खालिद एक राष्ट्रवादी हैं। एबीवीपी को खालिद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि एबीवीपी नाथूराम गोडसे को पूजती है, जो राष्ट्र-विरोधी और आतंकवादी था- देश का पहला आतंकवादी।

खालिद के बारे में बोलने का उनका कोई नैतिक अधिकार या नैतिक आधार नहीं है।’’ हरिप्रसाद एनएलएसआईयू परिसर में खालिद पर बनी वृत्तचित्र फिल्म की स्क्रीनिंग का एबीवीपी द्वारा विरोध किए जाने संबंधी सवाल का जवाब दे रहे थे। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने कहा कि इसने ‘‘कांग्रेस नेता के बौद्धिक दिवालियापन को उजागर कर दिया है।’’ भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के मुद्दे पर हरिप्रसाद ने सवाल किया कि क्या भाजपा ने गोवा और पूर्वोत्तर में इसे लागू किया है? उन्होंने सवाल किया, ‘‘यूसीसी लाने का क्या मतलब है?

क्या वे (भाजपा) यह गोवा में लाये हैं? क्या वहां इसे लागू किया गया है?’’ हरिप्रसाद ने कहा कि धर्म के लिहाज से पूर्वोत्तर पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण और उत्तर में कोई एकरूपता नहीं है।

इसलिए वे इस देश के लोगों पर कुछ भी थोपने की कोशिश नहीं कर सकते।’’ मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर हरिप्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री इस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण दे चुके हैं। हरिप्रसाद पर निशाना साधते हुए एबीवीपी ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी उस व्यक्ति को राष्ट्रवादी कैसे बता सकती है, जिसने 2001 में भारतीय संसद पर हुए हिंसक हमले के मुख्य साजिशकर्ता और दोषी आतंकवादी अफजल गुरु का खुले तौर पर समर्थन और उसका महिमामंडन किया था, जिसमें हमारे बहादुर सुरक्षा कर्मियों का खून बहा था।’’ उसने सवाल किया, ‘‘अगर हरिप्रसाद की नजर में खालिद राष्ट्रवादी है, तो क्या कांग्रेस पार्टी अफजल गुरु के सम्मान और महिमामंडन में कार्यक्रम आयोजित करने वालों का समर्थन करती है?’’ एबीवीपी ने यह भी सवाल किया कि क्या कांग्रेस उन लोगों के साथ खड़ी है, जिन्होंने ‘‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’’ का नारा लगाया था। एबीवीपी के बेंगलुरु शहर अध्यक्ष अभिनंदन मिर्जी ने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस जेएनयू में लगाए गए हिंसक भारत-विरोधी नारों और 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान जानबूझकर की गई उस उकसावे की कार्रवाई का समर्थन करती है, जिसके कारण खून-खराबा हुआ?

गंभीर यूएपीए आतंकवाद संबंधी आरोपों का सामना कर रहे लोगों को देशभक्त होने का प्रमाणपत्र देना राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस का पूरी तरह समझौता कर लेना दर्शाता है।

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