Revanth Reddy की US Visit को केंद्र से नहीं मिली मंजूरी, कांग्रेस और भाजपा में छिड़ी बहस

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के प्रस्तावित अमेरिका दौरे को केंद्र सरकार द्वारा अनुमति न दिए जाने पर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने केंद्र के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इसे राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार करते हुए विदेश मंत्रालय के स्तर की तकनीकी प्रक्रिया करार दिया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को केंद्र सरकार की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के एक दिन बाद शनिवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने आरोप लगाया कि केंद्र का यह फैसला राजनीति से प्रेरित प्रतीत होता है। उन्होंने पीटीआई वीडियो से कहा, मुझे केंद्र सरकार के ऐसा करने (अनुमति नहीं देने) का कोई उचित कारण नजर नहीं आता।
यह राजनीतिक फैसला है और यह सही नहीं है। तेलंगाना भी इसी देश का हिस्सा है। अगर तेलंगाना आगे बढ़ता है तो भारत आगे बढ़ता है।
वहीं, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को मीडिया में आई उन खबरों पर जनता को जवाब देना चाहिए, जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने अमेरिका यात्रा (अब रद्द हो चुकी) के दौरान न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात की योजना बनाई थी। राव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, मीडिया में आई खबरों से अब यह सामने आ रहा है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा का उद्देश्य राज्य के लिए शिक्षा या निवेश से जुड़ा नहीं था, बल्कि उन कथित भारत-विरोधी लोगों से मुलाकात करना था, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वैचारिक गुरु हैं। केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक तकनीकी प्रक्रिया है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, इसे राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरी तरह विदेश मंत्रालय के स्तर पर आधिकारिक प्रक्रिया के तहत होता है।
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