इंदौर में 30 साल से अजेय ताई की चुनावी दावेदारी को दोहरी चुनौती

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 17, 2019   11:30
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इंदौर में 30 साल से अजेय ताई की चुनावी दावेदारी को दोहरी चुनौती
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मूलतः महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाली महाजन वर्ष 1965 में विवाह के बाद अपने ससुराल इंदौर में बस गयी थीं। वह वर्ष 1989 में इंदौर लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ी थीं, तब उन्होंने अपने तत्कालीन मुख्य प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रकाशचंद्र सेठी को हराया था।

इंदौर। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन गुजरे 30 सालों के दौरान हुए आठ संसदीय चुनावों में मध्य प्रदेश के इंदौर क्षेत्र में निरंतर अजेय रही हैं लेकिन ताई के नाम से मशहूर इस 75 वर्षीय भाजपा नेता की चुनावी दावेदारी को इस बार विपक्षी कांग्रेस के साथ अपनी ही पार्टी के एक स्थानीय धड़े से भी खुली चुनौती मिल रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने रविवार को  पीटीआई-भाषा  से कहा,  इंदौर के प्रगतिशील मतदाताओं को लोकसभा में नये नुमाइंदे की दरकार है, क्योंकि बतौर क्षेत्रीय सांसद महाजन अपनी भूमिका निभाने में घोर असफल रही हैं. उन्हें वक्त की नजाकत समझते हुए चुनावी सियासत से जल्द से जल्द संन्यास ले लेना चाहिये। उन्होंने आसन्न लोकसभा चुनावों में इंदौर से कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा,  महाजन ने गुजरे पांच सालों में इंदौर रेलवे स्टेशन पर चंद नयी ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने और सरकारी चिट्ठियां लिखने के अलावा क्षेत्र के लोगों के लिये कुछ भी नहीं किया है। 

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महाजन को लेकर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने अपने धुर विरोधी दल की  हताशा  करार देते हुए खारिज किया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा,  इंदौर लोकसभा क्षेत्र के विकास के मामले में महाजन बतौर सांसद तमाम पैमानों पर खरी उतरी हैं। यही वजह है कि मतदाता उन्हें वर्ष 1989 से लगातार चुनकर लोकसभा भेज रहे है। उन्होंने कहा, इंदौर लोकसभा क्षेत्र के चुनावों में पिछले 30 साल से महाजन के कारण हार रही कांग्रेस बुरी तरह हताश है। इसलिये वह चुनावी बेला में उन्हें लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रही है। दोनों प्रमुख दलों-भाजपा और कांग्रेस ने फिलहाल इंदौर सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इस क्षेत्र में 19 मई को लोकसभा चुनावों का मतदान होना है। बहरहाल, राज्य के वरिष्ठतम भाजपा नेताओं में शुमार होने वाले सत्यनारायण सत्तन  (79) घोषणा कर चुके हैं कि अगर पार्टी ने महाजन को लगातार नौवीं बार इंदौर से चुनावी टिकट दिया, तो खुद उन्हें उनके खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मजबूरन मोर्चा संभालना पड़ेगा।

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हिन्दी के मंचीय कवि के रूप में भी ख्याति रखने वाले भाजपा नेता ने कहा, बतौर क्षेत्रीय सांसद महाजन की भूमिका को लेकर अधिकतर भाजपा कार्यकर्ता भी प्रसन्न नहीं हैं, क्योंकि गुजरे पांच सालों में उनसे उनका संपर्क लगभग शून्य रहा है। इंदौर से लगातार आठ बार सांसद चुनी जाने के बावजूद महाजन ने आखिर ऐसा कौन-सा काम किया है, जिसके कारण उन्हें याद रखा जाये? खुद को  पार्टी का शुभचिंतक  बताने वाले सत्तन का सुझाव है कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के स्थानीय विधायक रमेश मैंदोला, पार्टी की एक अन्य क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर या शहर की महापौर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ में से किसी नेता को इस बार इंदौर से भाजपा का चुनावी टिकट दिया जाये। हाल के दिनों में इंदौर में महाजन की सक्रियता में इजाफे से संकेत मिलते हैं कि वह अपने परंपरागत निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव लड़ने का दावा पेश कर रही हैं। हालांकि, मीडिया के सामने वह दोहराती रही हैं कि भाजपा में संगठन ही तय करता है कि उसका कौन नेता चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं। 

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महाजन की चुनावी दावेदारी को लेकर सत्तन की खुली आपत्ति पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा,  सत्तन जनसंघ के जमाने से हमारे बड़े नेता रहे हैं। मुझे लगता है कि हम (महाजन को लेकर) उनकी नाराजगी खत्म करने में सफल रहेंगे और वह आसन्न लोकसभा चुनावों में इंदौर के प्रत्याशी चयन के मामले में पार्टी के भावी निर्णय के साथ खड़े रहेंगे। महाजन ने वर्ष 2014 में 16वीं लोकसभा के चुनावों में इंदौर क्षेत्र से जब जीत दर्ज की थी, तब वह एक ही सीट और एक ही पार्टी के टिकट पर लगातार आठ बार लोकसभा पहुंचने वाली देश की पहली महिला सांसद बन गयी थीं। मूलतः महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाली महाजन वर्ष 1965 में विवाह के बाद अपने ससुराल इंदौर में बस गयी थीं। वह वर्ष 1989 में इंदौर लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ी थीं, तब उन्होंने अपने तत्कालीन मुख्य प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रकाशचंद्र सेठी को हराया था।





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भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया: PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   23:21
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भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया:  PM मोदी
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ। उन्होंने जोर दिया कि दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के रूप में देखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आईआईटी 2020 ग्लोबल समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘सुधार करने, कार्य करने और बदलाव करने’’ के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, कोई भी क्षेत्र सुधारों से वंचित नहीं रहा है। कृषि, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, वित्त, बैंकिंग, कराधान और यह सूची जारी है। 44 केंद्रीय कानूनों को सिर्फ चार संहिताओं में समाहित करते हुए हम श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधार लाए हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर दुनिया हमें भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के तौर पर देख रही है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बदलावों का गवाह बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन चीजों के बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था, वे काम अब तेजी से पूरे हो रहे हैं।





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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   23:02
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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत
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सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निवासियों की  गुरूवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात कोटा से धान बेचकर लौट रहे पांच किसानों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कोटा जिले के दीगोद थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले उम्मेदपुरा के पास बोलेरो एक वाहन को बचाने के दौरान अनियंत्रित होकर नहर के ड्रेन में जा गिरी, रफ्तार अधिक होने के कारण बोलेरो में सवार पांच किसानों की मौत हो गई, वहीं तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

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वही बुलेरो पलटने की खबर दीगोद थाना पुलिस की लगी तो वे मौके पर पहुंचे, जांच के बाद पाया गया कि मृतकों में से चार लोग जैनी एवं एक व्यक्ति ज्वालापुर गांव का निवासी है। वहीं इस सड़क हादसे में बीरबल पुत्र मोतीलाल उम्र कल्याण पुत्र मोतीलाल, चतर सिंह पुत्र गोपीलाल जाति मीणा निवासीगण जैनी घायल हो गए हैं। तो श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी निवासी रामवीर (32) पुत्र बाबूलाल मीणा, हनुमान (35) पुत्र बाबूलाल मीणा, मांगीलाल उर्फ मामा (52) पुत्र रामनाथ मीणा, अजय (17) पुत्र रामभरत मीणा सभी निवासी ग्राम जैनी एवं जगदीश पुत्र राम किशन सुमन निवासी ज्वालापुर कोटा मण्डी में धान बेचकर वापस घर लौट रहे थे। राजस्थान के ग्राम उम्मेदपुरा थाना दीगोद के क्षेत्र में श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के 05 व्यक्तियों की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। 

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जिला कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के रामवीर मीणा आयु 32, हनुमान आयु 35, मांगीलाल आयु 52, अजय आयु 17 और जगदीश सुमन निवासी ज्वालापुरा की मृत्यु कोटा से लौटते वक्त थाना दीगोद के क्षेत्र में ग्राम उम्मेदपुरा के पास बुलेरो गाडी पलट से हो गई थी। जिसमें मौके पर ही 04 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जिनका सुल्तानपुर में पीएम कराया गया है। एक व्यक्ति की इलाज के कोटा एमबीएसएच में मृत्यु हो गई। इस प्रकार से सडक दुर्घटना में 05 व्यक्तियों की मृत्यु होने पर मृतकों के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।





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एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   22:45
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एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
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पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

इंदौर। नशे के सौदागरों पर एक बार फिर एसटीएफ की टीम ने शिकंजा कसते हुए पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्त में लेकर इनके पास से करीब एक करोड़ रुपये कीमत का एक क्विंटल से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। आरोपित सेंधवा से किसी को गांजा देने के लिए निकले थे और रास्ते में पकड़ा गए। एसटीएफ एसपी मनीष खत्री ने शुक्रवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक स्विफ्ट कार एमएच 04 डीआर 1910 सेंधवा से इंदौर के लिए निकली हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध रुप से गांजा रखा है। ये किसी बदमाश को इंदौर में गांजा सप्लाय करने वाले हैं। इस सूचना के बाद एक टीम को उक्त कार की घेराबंदी के लिए लगाया गया। टीम ने घेराबंदी कर कार पकड़ी, तलाशी में कार से एक क्विंटल से अधिक गांजा जब्त हुआ। पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ा।

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ये तस्कर आए गिरफ्त में पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम शिवाजी पावरा पुत्र बिश्या पावरा निवासी ग्राम लाकड़िया हनुमान थाना सांगवी धुले महाराष्ट्र, अश्विन पावरा पुत्र लक्ष्मण पावरा निवासी ग्राम दुरबड़िया सांगवी धुले महाराष्ट्र, अविनाश पुत्र सुरेश पावरा निवासी ग्राम सुले सांगवी धुले महाराष्ट्र, सुमित जमरा पुत्र भुरसिंह जमरा निवासी चर्च कॉलोनी, एबी रोड़ सेन्धवा बड़वानी और अक्षय पुत्र हिम्मत आर्य निवासी ग्राम दुगानी वरला वरला बड़वानी बताया। पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

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पुलिस अधीक्षक खत्री ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लड़के एक माह से हर सप्ताह गांजा लेकर इंदौर आ रहे हैं। इस सूचना के बाद निरीक्षक एम.ए. सैयद, निरीक्षक संजय बघेल, प्रधान आरक्षक झनक लाल, आर. प्रशांत परिहार, आर विवेक द्विवेदी को जांच पड़ताल के लिए लगाया गया। इस पर टीम को सूचना मिली कि एक कार में कुछ लोग गांजा सप्लाय करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद ही उक्त कार्रवाई की गई।

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उन्होंने बताया कि आरोपित शिवाजी पावरा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, आदि राज्यों में बड़े पैमाने पर गांजे की सप्लाय उसके गाव के ही अविनाश पावरा, सुमित व अक्षय के माध्यम से करता है। शिवाजी स्वयं गांजा की खेती अपने गांव के पास दुरस्त दुर्गम स्थान में करता है। साथ ही वह अन्य लोगों से भी करवाता है। वह कई बार खरगोन एवं बडवानी जिले के लोगों से गांजा लेकर सप्लाय करवाता है। आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से इन्हें 9 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है।





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