चारधाम यात्रा: प्रतिदिन दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की निर्धारित संख्या में बढ़ोतरी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 11, 2022   14:11
चारधाम यात्रा: प्रतिदिन दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की निर्धारित संख्या में बढ़ोतरी
ani

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए प्रत्येक धाम में प्रतिदिन दर्शन के लिए पूर्व निर्धारित अधिकतम संख्या में एक हजार की बढ़ोतरी की गयी है।

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए प्रत्येक धाम में प्रतिदिन दर्शन के लिए पूर्व निर्धारित अधिकतम संख्या में एक हजार की बढ़ोतरी की गयी है। प्रदेश के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धाम—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, में पहले के मुकाबले अब प्रतिदिन एक हजार ज्यादा श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए जा पाएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था यात्रा सीजन के शुरुआती 45 दिनों के लिए की गयी है।

इसे भी पढ़ें: शोध में दावा, जीरो कोविड पॉलिसी छोड़ने से चीन में आ सकती है कोरोना की सुनामी, होगी 16 लाख मौतें

अधिकारियों ने यहां बुधवार को बताया कि सरकार ने इस संबंध में अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए बदरीनाथ में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 16000, केदारनाथ के लिए 13000, गंगोत्री के लिए 8000 और यमुनोत्री के लिए 5000 तय कर दी है। इससे पहले, बदरीनाथ के लिए यह सीमा प्रतिदिन 15,000, केदारनाथ के लिए 12,000, गंगोत्री के लिए 7,000 और यमुनोत्री के लिए 4000 थी।

इसे भी पढ़ें: चीन ने बौद्ध भिक्षु रिनपोछे की मौत की खबरों को छुपाया, तिब्बतियों पर हो रहे अत्याचार का हुआ खुलासा

कोविड 19 के कारण पिछले दो साल बाधित रही चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालु बड़ी संख्या में आ रहे हैं और उनकी सुविधा के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या की सीमा में बढोत्तरी के प्रशासन को निर्देश दिए थे। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट तीन मई को खुले थे, जबकि केदारनाथ के छह मई और बदरीनाथ के आठ मई को खुले थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नौ मई तक 20 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री चार धामों के दर्शन कर चुके हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।