Chester Hills मामले में हाईकोर्ट जज से जांच नहीं, Himachal सरकार का जवाब

सोलन जिला कलेक्टर अदालत में सुनवाई जारी होने के कारण हिमाचल प्रदेश सरकार ने चेस्टर हिल परियोजना की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने से मना कर दिया है। विधानसभा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के सवाल पर यह लिखित जानकारी दी। यह मामला रियल एस्टेट सौदों में राज्य के काश्तकारी एवं भूमि सुधार कानून की धारा 118 के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शनिवार को विधानसभा को बताया कि ‘चेस्टर हिल’ मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में नहीं कराई जाएगी, क्योंकि इस मामले की कार्यवाही सोलन जिला कलेक्टर की अदालत में पहले से चल रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। यह मामला सोलन जिले में हुए “अवैध” जमीन सौदों से संबंधित है।
आरोप है कि रियल एस्टेट माफिया और वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच सांठगांठ के चलते ‘हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार कानून, 1972 की धारा 118 का कथित उल्लंघन हुआ और जमीन पर अवैध कब्जे किए गए। धारा 118 के तहत गैर-हिमाचल निवासियों द्वारा बिना पूर्व अनुमति के जमीन खरीदने पर प्रतिबंध है। शर्मा ने ‘चेस्टर हिल’ आवासीय परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर की गई कार्रवाई के बारे में सरकार से जानकारी मांगी थी।
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