अरुणाचल प्रदेश के लापता किशोर को चीन ने भारतीय सेना को सौंपा

India Youth
मिराम तारोन के लापता होने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से लड़के की सुरक्षित रिहाई के लिए हॉटलाइन पर बातचीत की थी। पीएलए ने 26 जनवरी को पुष्टि की थी कि तारोन को ‘दमई बॉर्डर पर्सनल मीटिंग’ बिंदु पर भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा।

ईटानगर/नयी दिल्ली|  चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने बृहस्पतिवार को अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले के निवासी किशोर मिराम तारोन को ‘दमई बॉर्डर पर्सनल मीटिंग’ बिंदु पर भारत की सेना को सौंप दिया। रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

अपर सियांग जिले के जिडो गांव का 17 वर्षीय मिराम तारोन इस वर्ष 18 जनवरी को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास उस वक्त लापता हो गया था जब वह अपने दोस्त के साथ शिकार करने के लिए निकला था।

तेजपुर में रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि तारोन को राज्य के लोहित जिले के किबिथु सेक्टर में दमई स्थित ‘बॉर्डर पर्सनल मीटिंग बिंदु पर सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद सौंपा गया।

मिराम तारोन के लापता होने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से लड़के की सुरक्षित रिहाई के लिए हॉटलाइन पर बातचीत की थी। पीएलए ने 26 जनवरी को पुष्टि की थी कि तारोन को ‘दमई बॉर्डर पर्सनल मीटिंग’ बिंदु पर भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा।

विज्ञप्ति में बताया गया, ‘‘तारोन उत्साहित है और वतन लौटकर खुश है। उसने और उसके परिवार ने सुरक्षित वापसी की खातिर भारतीय सेना एवं सरकार के गंभीर प्रयासों के लिए आभार जताया।’’ भारतीय सेना ने दोनों देशों के बीच सीमा रक्षा सहयोग समझौता को बरकरार रखने के लिए चीन की पीएलए को धन्यवाद दिया जिस कारण भारतीय किशोर की वापसी हो सकी।

इससे पहले कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किशोर की भारत में सुरक्षित वापसी की सूचना साझा की।

उन्होंने कहा कि युवक को बृहस्पतिवार को अरुणाचल प्रदेश में ‘वाचा-दमई इंटरेक्शन प्वाइंट’ पर भारतीय सेना को सौंप दिया गया। मंत्री ने एक ट्वीट में बताया कि लड़के की चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ चीन के पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के मिराम तारोन को भारतीय सेना को सौंप दिया। चिकित्सकीय जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।’’

बाद में एक अन्य ट्वीट में, रिजिजू ने पीएलए के साथ मामले को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाने और युवाओं को सुरक्षित वापस लाने के लिए सेना को धन्यवाद दिया। उन्होंने सैनिकों के साथ खड़े युवक की तस्वीर भी साझा की। उन्होंने लिखा, चीन की पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के किशोर तारोन को आज अरुणाचल प्रदेश में वाचा-दमई इंटरेक्शन पॉइंट पर भारतीय सेना को सौंप दिया।

मंत्री ने कहा, मैं पीएलए के साथ मामले पर सावधानीपूर्वक आगे बढ़ने और हमारे किशोर को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए भारतीय सेना को धन्यवाद देता हूं।

लोकसभा सांसद रिजिजू ने मंगलवार को बताया था कि चीन ने 20 जनवरी को भारतीय सेना को सूचित किया था कि उन्हें अपनी ओर एक लड़का मिला है और उसकी पहचान की पुष्टि के लिए और जानकारी मांगी थी।

रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा था, ‘‘पहचान की पुष्टि करने में चीन की मदद के लिए, भारतीय सेना ने उनके साथ उसका व्यक्तिगत विवरण और तस्वीर साझा की है। चीन के जवाब का इंतजार है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़