फिर बेनकाब हुई चीन की चालबाजी, भारतीय सीमा के पास लगाएं 3 मोबाइल टावर

china
अंकित सिंह । Apr 18, 2022 3:34PM
लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह के चुगुल से पार्षद कोंचोक स्टैनजि ने इन तस्वीरों को साझा किया है। माना जा रहा है कि चीन ने पैंगोंग झील पर काम खत्म करने के बाद अब यह तीन टावर लगाए हैं। कोंचोक स्टैनजिन ने यह भी बताया है कि चीन लगातार सीमा पर अपनी ओर तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

भारत और चीन के बीच लगातार तनाव की स्थिति है। एलएसी के करीब निर्माण कार्यों को लेकर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इन सब के बीच चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास तीन मोबाइल टावर लगा दिए हैं। इसकी तस्वीर भी सामने आ चुकी है। लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह के चुगुल से पार्षद कोंचोक स्टैनजि ने इन तस्वीरों को साझा किया है। माना जा रहा है कि चीन ने पैंगोंग झील पर काम खत्म करने के बाद अब यह तीन टावर लगाए हैं। कोंचोक स्टैनजिन ने यह भी बताया है कि चीन लगातार सीमा पर अपनी ओर तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

इसी कड़ी में चीन ने पैंगोंग झील पर एक पुल को पूरा करने के बाद हॉट स्प्रिंग्स के अपने किनारे यह तीन मोबाइल टॉवर लगाए है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पैंगोंग झील पर पुल का काम पूरा करने के बाद चीन ने भारतीय क्षेत्र के बेहद करीब हॉट स्प्रिंग के पास 3 मोबाइल टावर लगाए हैं। क्या यह चिंता का विषय नहीं है? मानव बस्ती वाले गांवों में 4जी की सुविधा भी नहीं है। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के 11 गांवों में 4जी सुविधा नहीं है। आपको बता दें कि यह गांव एलएसी के काफी निकट है और यहां से चीन की हर गतिविधियां नजर आती है। इससे पहले यह भी खबर आई थी कि चीन ने भारतीय सीमा के पास 624 नए गांव बसा दिए हैं।

 

इसे भी पढ़ें: हाई अलर्ट पर है ताइवान, ये है चीन का तबाही वाला प्लान, अमेरिका बोला- राष्ट्रपति वेन के साथ मिलकर देंगे मुंहतोड़ जवाब


राजनाथ की चेतावनी

इससे पहले चीन को सख्त संदेश देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर भारत को किसी ने नुकसान पहुंचाया तो वह भी बख्शेगा नहीं। रक्षा मंत्री ने कहा, मैं खुले तौर पर यह नहीं कह सकता कि उन्होंने (भारतीय सैनिकों ने) क्या किया और हमने (सरकार ने) क्या फैसले लिए। लेकिन मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि (चीन को) एक संदेश गया है कि भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो भारत छोड़ेगा नहीं। पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच सीमा गतिरोध शुरू हो गया था। 15 जून, 2020 को गलवान घाटी में हुयी झड़पों के बाद गतिरोध और बढ़ गया। इन झड़पों में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। हालांकि चीन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं दिया। 

अन्य न्यूज़